अद्भुत है छप्पर फाड़कर देने वाले ग्रह माने जाते हैं राहु केतु ग्रह जिस पर हो जाते हैं मेहरबान लेकिन यदि हो जाए नाराज या जन्म कुंडली में खराब स्थिति में होते हैं तो व्यक्ति को ऐसे दिन दिखा देते हैं की वह कल्पना करने लगता है कि अगला दिन आए ही नहीं इतना प्रभावशाली शक्तिशाली है इनका फल एक मनुष्य के लिए।
दंड देने वाले ग्रह के तौर पर जाने जाते हैं राहु व केतु
हमारे ज्योतिष शास्त्र में राहु केतु को पाप ग्रह की संज्ञा दी गई है किंतु यह वह ग्रह है जो व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं यदि व्यक्ति अच्छे कर्म करता है तो अवश्य ही यह व्यक्ति की कुंडली में खराब स्थिति में भी क्यों ना हो तो भी व्यक्ति को अत्यंत खराब फल या कभी नहीं देते हैं स्वभाव है खराब फल देने का तो स्वभाव के मुताबिक फल इन्हें देना ही पड़ता है और अनुकूल यदि जन्म कुंडली में है तो व्यक्ति जितनी कल्पना करता है उससे भी कई ऊपरी स्तर तक यह व्यक्ति को फल प्रदान करते हैं आज हम आपको बताएंगे राहु केतु ग्रह के लिए हमें किसकी पूजा करनी चाहिए किसका ध्यान करना चाहिए किसका नाम लेना चाहिए जिससे कि इनकी बाधा परेशानी पीड़ा हमेशा के लिए हमसे दूर हो जाए।

इन माता रानी की कृपा से कभी भी पीड़ा नहीं पहुंचाते हैं

ज्योतिष शास्त्र में राहु केतु की पीड़ा निवारणार्थ अनेक उपाय बताए गए हैं अत्यंत सरल जो माध्यम है वह है रत्न धारण इन दोनों ग्रहों का जिसकी भी स्थिति खराब हो उसका रत्न अवश्य ही धारण करना चाहिए किंतु परिस्थिति वश कभी व्यक्ति को इनके रत्नों का प्रतिफल प्राप्त नहीं हो पाता है कारण पुनर्जन्म के कर्म प्रारब्ध पित्र दोष आदि रहते हैं जिस कारण इनके बड़े से बड़े उपाय भी धराशाई हो जाते हैं निष्फल साबित होते हैं ऐसी स्थिति में ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि जब हर प्रकार से किया गया हमारा प्रयास राहु केतु के लिए असफल हो जाए तो तब एक मात्र माध्यम है इन की अधिष्ठात्री देवी का ध्यान जाप पूजा करना जिससे कि यह कैसी ही खराब स्थिति में क्यों ना हो व्यक्ति को कभी भी खराब फल प्रदान नहीं करते है राहु केतु को नाग रूपी ग्रह माना जाता है और नागों की जो अधिष्ठात्री देवी है वह है मां मनसा देवी तो।
मां मनसा देवी का ध्यान बदल देता है तकदीर व्यक्ति की
ज्योतिष शास्त्र में कहा गया है कि राहु केतु की पीड़ा हेतु यदि व्यक्ति मां मनसा देवी का एक सीमित संख्या में ध्यान मंत्र जाप आदि करता है तो ऐसे व्यक्ति पर कभी भी इनका कुप्रभाव अशुभ फल कभी भी देखने में नहीं आता है सीमित संख्या 8, 18, 28, 108 इससे भी ज्यादा की संख्या में प्रतिदिन प्रात काल और सांय काल जो भी व्यक्ति जाप करेगा उसे कभी भी यह खराब फल प्रदान नहीं करेंगे खराब स्थिति में होते हुए भी यह कहीं न कहीं व्यक्ति को शुभ फल भी दे सकते हैं इसमें किसी भी प्रकार का कोई संशय नहीं और यदि इनकी स्थिति शुभ है और ऐसी परिस्थिति में यदि कोई व्यक्ति मां मनसा देवी का ध्यान करता है तो समझ लीजिए उसके वारे न्यारे करने में भी यह देर नहीं लगाते ऐसे ग्रह राहु और केतु और हम खामखा इन से घबराते हैं डरते हैं और इनसे संबंधित उपाय रत्न धारण करने से बचते हैं घबराना और डरना गलत कार्यों से ही है जो इन्हें पसंद नहीं
ऐसे कार्य यदि नहीं करें तो कभी नुकसान नहीं पहुंचाते हैं यह ग्रह

जैसे कि मांस सेवन मदिरा सेवन तंबाकू सेवन पर स्त्री भोग असहाय व्यक्ति को पीड़ा पहुंचाना एवं असत्य का हमेशा सहारा लेना ऐसी चीजों से रुष्ट हो जाते हैं खफा हो जाते हैं अच्छी स्थिति में होते हुए भी ऐसे कर्म करने वाले जातक को यह अवश्य ही दंड प्रदान करते हैं तो इस जानकारी का जो निष्कर्ष है वह यह है कि जब हम राहु केतु ग्रह की पीड़ा हेतु कोई उपाय रत्न धारण बीज यंत्र धारण आदि किए हुए हैं और हमें कहीं से कहीं तक किसी भी प्रकार का प्रतिफल प्राप्त नहीं हो पा रहा है तो उस परिस्थिति में है हमें मां मनसा देवी की शरण में चले जाना चाहिए जो कि हमारे लिए सबसे बड़ा बचाव का एक मार्ग है इससे बड़ा मार्ग संभवत दूसरा कोई नजर नहीं आता तो अवश्य ही जानकारी पर अमल करें और ऐसी स्थिति हो तो अवश्य ही माता रानी का ध्यान निरंतर करना चाहिए जानकारी पसंद आए तो जरूर आगे बढ़ाकर शेयर करें धन्यवाद अधिक जानकारी हेतु क्लिक करें


गुरु जी मेरा नाम anupam pal है और मेरा जन्म दिवस 16 दिसंबर 1995 है समय सुबह 8 से 11 के बीच का है 2017 से मैं बहुत परेशानी में चल रहा हूं