नमस्कार गायत्री ज्योतिष केंद्र में आप सभी लोगों का स्वागत है आप लोगों के लिए ज्योतिष की हमेशा ही अनमोल जानकारी के साथ हम आप लोगों के बीच बने हुए रहते हैं ऐसी जानकारी प्रसारित करते हैं जो आप लोगों के लिए लाभदाई हो और आपकी समस्याओं से आपको निजात दिलाए ज्योतिष शास्त्र की सर्वश्रेष्ठ जानकारी प्रसारित गायत्री ज्योतिष केंद्र करता है
- ज्योतिष की भ्रान्तिया व बड़ी से बड़ी समस्याओं का समाधान 1 अच्छे ज्योतिष गुरूजी से प्राप्त कर सकते हैं
ज्योतिष में कई प्रकार की भ्रान्तिया है जो किसी अच्छे ज्योतिष गुरु जी के माध्यम से दूर की जा सकती हैं ऐसे ही बहुत सी भ्रांतियां राहु ग्रह से संबंधित है गोमेद रत्न धारण से संबंधित है आप देखते होंगे बहुत से ज्योतिष गुरु जी तो गोमेद रत्न के बारे में बात ही नहीं करते हैं बताते ही नहीं जो बताते हैं वह भी काफी डर डर के बताते हैं क्योंकि वह डरते हैं क्योंकि इसका कहीं कोई गलत रिजल्ट व्यक्ति के ऊपर देखने में ना आए इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण है राहु ग्रह की वास्तविकता जानकारी का अभाव ज्योतिष में अज्ञानता पूर्ण जानकारी का अभाव जिस वजह से नहीं बता पाते हैं
- फलित ज्योतिष यदि गणित में निपुण है तो उसके द्वारा बताई बात चमत्कार से कम नहीं
जो व्यक्ति ज्योतिष शास्त्र में गणित में निपुण होगा वही फलित में भी निपुण माना जाएगा उसके द्वारा बताया गया फलित 80% तक फलदाई माना जाता है और जो व्यक्ति ज्योतिष का गणित नहीं जानता गणित से अनजान है तो उसके द्वारा कितना ही अच्छा फलित शास्त्र का ज्ञान अर्जन किया गया हो बताया गया फलित फल 20% ही घटित माना जाता है कहने का तात्पर्य है कि जो व्यक्ति गणित में निपुण होंगे उनके द्वारा बताया गया फलित भी व्यक्ति पर चरितार्थ होगा ऐसे व्यक्ति द्वारा किसी जातक को बताई गई 2 ही जानकारियां व्यक्ति पर सटीक बैठेगी और 100% फलदाई मानी जाएगी किंतु जिसे सिर्फ फलित का ही ज्ञान होगा उसके द्वारा 10 बताई गई जानकारियों में से मुश्किल से सिर्फ 2 ही फलित फल देने वाली मानी जाती हैं

- गोमेद रत्न बदल देता है तकदीर यदि इन परिस्थितियों में धारण करते हैं आप तो

आज हम आप लोगों को बताएंगे कि तीन चीजें यदि आप में है आपको महसूस होता है तो आप अवश्य ही गोमेद रत्न धारण कर लीजिए बिना किसी से पूछ के आंख मूंद के।
इन्हें हम तीन प्रकार के लक्षण भी कह सकते हैं पहला जन्मपत्रिका से संबंधित है इस बारे में हम अपने यूट्यूब के कई वीडियो पर इस बात का वर्णन कर चुके हैं कि
- आश्चर्य की बात जन्म कुंडली के सबसे बड़े दोषों का शमन राहु ग्रह द्वारा उनके रत्न गोमेद द्वारा ही होता है
यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में पावरफुल गुरु चांडाल दोष ग्रहण दोष पित्र दोष नीचस्थ मंगल शनि दोष एवं राहु ग्रह यदि लग्न में पंचम भाव में नवम भाव में दशम भाव में हो तो आंख मूंदकर व्यक्ति ने गोमेद रत्न धारण कर लेना चाहिए इसके लिए आप किसी अच्छे ज्योतिष गुरु जी से संपर्क कर सकते हैं यह पहली बात
जब कोई आप को नहीं समझ पा रहा थक चुके हैं आप तो धारण करें गोमेद
दूसरी बात या लक्षण यदि कोई व्यक्ति सही कार्य करता है और हर कोई व्यक्ति उसे पहचान नहीं पाता और उसे गलत समझता है और व्यक्ति को महसूस होता है कि वह सही है और उसने सही किया है लेकिन दूसरा कोई भी उसे नहीं समझ पा रहा है और उसे गलत सिद्ध कर रहा है यदि ऐसी परिस्थिति किसी व्यक्ति के साथ बन रही हो तो यह स्थिति राहु ग्रह के कारण बनती है तो बिना किसी से पूछे आंख मूंदकर गोमेद रत्न धारण कर सकते हैं
जब कोई किस्मत नहीं खोल सकता सब हाथ खड़े कर दें तब एकमात्र सहारा राहु ग्रह व उनका रत्न गोमेद
तीसरी व महत्वपूर्ण बात लक्षण यदि किसी व्यक्ति का लंबे समय से भाग्य उदय नहीं हुआ है उसे लगता है कि वह मनहूस है उसका कभी भाग्योदय नहीं हो सकता है उसने व्यापार किया वह असफल रहा उस जॉब के वहां पर सक्सेस नहीं रहा कई प्रकार की जॉब है वह बदल चुका है और जो भी कार्य करता है उसमें वह हमेशा ही असफल रहता है तो ऐसे व्यक्ति ने यदि लंबा समय हो गया है कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है भविष्य में तो आंख बंद कर गोमेद रत्न अवश्य ही धारण करें गोमेद रत्न वह रत्न है जिसे पहनकर अक्सर लोग कहते हैं चमत्कार को नमस्कार अधिक जानकारी आप हमारे यूट्यूब चैनल पर दिए एपिसोड से भी प्राप्त कर सकते हैं जानकारी पसंद आए तो आगे बढ़ाकर अवश्य ही शेयर करें शेयर से पूर्व स्वयं आजमाएं धन्यवाद

