ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रह को प्रथम पूज्य ग्रह का स्थान प्राप्त है यदि जन्म कुंडली में सूर्य ग्रह मजबूत स्थिति में तो माना जाता है कि व्यक्ति का जीवन सर्व सुखों से युक्त रहेगा सूर्य ग्रह को आत्मा कारण वह पिता कारक माना जाता है
बिना कुण्डली के सिर्फ अपने अनुभवों व लक्षणों से सूर्य ग्रह कैसे है हमारे

आज हम आप लोगों को बताएंगे बिना जन्मकुंडली के बिना किसी अन्य माध्यम के सिर्फ अपने अनुभव व स्वयं में होने वाले लक्षणों से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं कि हमारे सूर्य ग्रह कैसे है शुभ है या अशुभ। यदि जातक के अपने पिता के साथ अच्छे संबंध नहीं है पिता से दूरी है या मतभेद है इसके अलावा विश्वास की कमी है हिम्मत की कमी है स्वभाव में डर है कहीं पर समाज में बोलने में झिझक है घर हो या बाहर हो मान सम्मान पद प्रतिष्ठा निम्न स्तर की हो या कम हो तो मान लेना चाहिए कि हमारे सूर्य ग्रह कमजोर है


शारीरिक तौर पर जानिए कैसे है सूर्य ग्रह
इसके अलावा यदि शारीरिक तौर पर यदि आंख से संबंधित किसी प्रकार की समस्या है पेट से संबंधित किसी प्रकार की समस्या है हृदय रोग है वह मुंह से बार-बार बलगम आना है या बार बार थूकने कि यदि आदत है चर्म रोग से संबंधित समस्या है सरकारी कार्य या किसी अन्य कार्यों में बार-बार बाधा उत्पन्न होती है हमेशा ही लोगों के साथ विचारों का मिलन कम रहता है वैचारिक मतभेद रहता है तो हमें अवश्य ही मान लेना चाहिए कि हमारे सूर्य ग्रह अत्यंत कमजोर है अशुभ फलदाई है तो हमें अवश्य ही इन्हें प्रसन्न करने हेतु उपाय जप दान आदि अपनी क्षमता अनुसार अवश्य ही कर लेनी चाहिए

इस चमत्कारी उपाय से करें सूर्य ग्रह को प्रसन्न
यदि सूर्य ग्रह से संबंधित किसी भी प्रकार की कोई समस्या किसी जातक को हो तो ज्योतिष शास्त्र में एक से बढ़कर एक अत्यंत सरल आसान तुरंत फल देने वाले उपाय बताए गए हैं यहां पर को हम आप लोगों के लिए एक अत्यंत सरल ताकतवर व तुरंत फल देने वाला उपाय प्रेषित कर रहे हैं तो अवश्य ही इसे आजमाएं फल अवश्य ही आपको प्राप्त होगा ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि सूर्य ग्रह यदि कमजोर हो अशुभ फल दे रहे हो तो हमें भगवान श्रीराम की आराधना करनी चाहिए पूजा पाठ आदि उनके नाम की करनी चाहिए

सूर्य ग्रह प्रसन्नता हेतु 1 मात्र अचूक उपाय है यह
इसके साथ ही नित्य रोज सूर्य भगवान को जल अर्घ्य देना चाहिए आदित्य हृदय कवच या आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करना चाहिए इसके साथ ही बताया गया है कि किसी बड़ी सूर्य संक्रांति सूर्य ग्रहण या रवि पुष्य योग नदी तट पर बहते हुए जल के समीप विशेष समय प्रातः काल सूर्योदय के समय पर एक ताबे के टुकड़े को अपने हाथ से या किसी अन्य माध्यम से काट कर दो टुकड़े कर दें एक टुकड़ा बहते हुए जल पर चला जाएगा दूसरे टुकड़े को जीवन पर्यंत अपने पास संभाल कर रखें सूर्य ग्रह से संबंधित किसी प्रकार की भी पीड़ा जातक पर नहीं रहेगी और बताया गया है कि ऐसे ही बड़ी संक्रांति पर यदि व्यक्ति 7 बार ऐसी प्रक्रिया कर लेता है तो अवश्य ही जीवन पर्यंत कभी भी व्यक्ति को सूर्य ग्रह कभी भी पीड़ित नहीं करते हैं ना ही अपना अशुभ फल प्रदान करते हैं शुभ फल ही प्रदान करते हैं जानकारी पसंद आए तो जरूर आगे बढ़ाकर शेयर करें धन्यवाद
बिना कुंडली के जानें सूर्य ग्रह शुभ है या अशुभ आपके और करें यह सिद्ध अचूक तुरन्त फलदाई उपाय
