पितृदोष से मुक्ति हेतु पितृपक्ष में करें यह सरल उपाय पितर होंगे प्रसन्न आपसे

ज्योतिष शास्त्र में पितृदोष के निवारणार्थ पितृपक्ष को अत्यंत ही लाभदायक व उचित समय माना जाता है इस समय पर पितृदोष से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्याओं का हल अवश्य निकलता है ऐसा माना जाता है इस अवधि मैं जो लोग श्राद्ध तर्पण के अधिकारी होते हैं वह इस माध्यम से अपने पितरों को प्रसन्न कर अपने अनुकूल बनाते हैं एवं जो लोग इसके अधिकारी नहीं होते हैं या श्राद्ध तर्पण आदि नहीं करते हैं वह अन्य और भी कई तरीकों से अपने पितरों को प्रसन्न कर सकते हैं

अब आसानी से पितरों को करें प्रसन्न जानिए कैसे

हर वर्ष हम आप लोगों के लिए पितरों को प्रसन्न करने हेतु सरल आसान एवं फलदाई उपाय जानकारी प्रसारित करते रहते हैं इस बार भी आप लोगों के लिए एक अत्यंत ही सरल एवं शीघ्र पित्र दोष से संबंधित यदि किसी भी प्रकार की कोई समस्या परेशानी आदि है तो तो इस उपाय के माध्यम से हमेशा के लिए उसे आप दूर कर सकते हैं कौवे को पितरों के सबसे बड़े प्रतिक पक्षी के तौर पर जाना जाता है यदि कहा जाता है कि कौवा यदि प्रसन्न है तो पित्र प्रसन्न है कौवा प्रतिदिन आपके घर पर आता है आपके आसपास आता है या मार्ग में आपको दिखता है तो वह आपको देखकर अपनी शुभ गोली बोलता है तो हमें यह अवश्य मानना चाहिए कि हमारे पित्र हमसे प्रसन्न में है

कौवा यदि रुष्ठ है तो समझें पितर हमारे रुष्ठ है

 यदि कौवा हमें देखते ही अशुभ बोली आवाज में बोल रहा हो और जब भी हम उसे कुछ भोजन रोटी आदि दे वह उसे ग्रहण नहीं करता हो तो अवश्य जान लेना चाहिए कि पित्र हमसे रूष्ट हैं तो बताया गया है कि पितृपक्ष में चावल के आटे से बनी रोटी या पके हुए चावल की भी रोटी हाथ से बनाई जा सकती है रोटी को बनाकर उसके दोनों और पर या तो घी, शहद, या तेल को लगाकर किसी 1 चीज का इस्तेमाल कर सकते हैं इस रोटी को जहां पर भी कौवे आते है बैठते हैं उस स्थान पर छोड़ आएं इस प्रक्रिया को करने के दौरान रोटी बनाने से लेकर कौवे को देने की अवधि के बीच नियमित अपने पितरों से प्रार्थना करते रहे कि किसी भी प्रकार का रोष दोष यदि हमारे ऊपर हो तो उससे हमें मुक्ति दिलाएं और भी अपने विचार आप इस अवधि में अपने पितरों तक पहुंचा सकते हैं

15 दिनों तक भी करें इसे तो देख सकते है रिजल्ट

 15 दिनों तक नियमित इस तरह से यदि इस उपाय प्रक्रिया को आप करते हैं तो अवश्य ही आपके पित्र आपसे अवश्य ही प्रसन्न होंगे और आपको मनवांछित फल की प्राप्ति भी करवाएंगे हर वर्ष इस तरह से आप इस प्रक्रिया को कर सकते हैं कोई नुकसान नहीं है इससे पितरों का आशीर्वाद कृपा नियमित तौर पर हमें प्राप्त होते रहती है इस विषय पर अधिक जानकारी हेतु क्लिक करें धन्यवाद

Leave a Comment