असम्भव को भी सम्भव बना दे ऐसा चमत्कारी शास्त्र है ज्योतिष शास्त्र।इस शास्त्र की हम जितनी प्रशंसा करें उतनी कम नजर आती है कारण इस शास्त्र के माध्यम से अनगिनत लोगों ने अपने जीवन को ही बदल डाला। और यही लोग जब पीछे अपने पुराने दिनों को याद करते हैं तो इस चमत्कारी शास्त्र की तारीफ करते हुए नहीं थकते।कि वह कहां से कहां पहुंच गए हैं। ज्योतिष शास्त्र 9 ग्रहों के प्रभाव से मनुष्य जीवन में घटने वाली भूत भविष्य वर्तमान की घटनाओं के बारे में 100% सही जानकारी देने वाला शास्त्र है और यदि इन 9 ग्रहों की विशेष कृपा दृष्टि यदि किसी मनुष्य को प्राप्त हो रही है तो वह व्यक्ति अत्यंत ही महा भाग्यशाली है और यह लोक ऐसे व्यक्ति के लिए साक्षात् स्वर्ग से कम नहीं है इस लोक में ऐसा जातक सर्व सुख प्राप्त करता है
ज्योतिष शास्त्र में ही चमत्कार सम्भव है

ज्योतिष शास्त्र के 9 ग्रह 1 से बढ़कर 1 है हर प्रकार की शक्ति से युक्त है और थोड़ी सी सच्चे श्रद्धा भाव से कि गई पूजा आराधना से अपने भक्त पर सब कुछ न्यौछावर करने को हमेशा तैयार रहते हैं लेकिन मनुष्य जीवन इतना जटिल है कि इन गूढ़ रहस्यों को समझते समझते मनुष्य बूढ़ा हो जाता है और अन्त समय तक भी उसकी आंखों में परदा ही रहता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस शास्त्र को मानने व समझने वाले व्यक्तियों ने अपने जीवन को अत्यंत ही कठिन से सरल आरामदायक बना लिया और नहीं जानने समझने वाले ने सरल आरामदायक जीवन को अत्यंत ही कठिन कष्टदाई दुःख युक्त बना लिया।

कर्म फल दाता ग्रह है शनि देव हमेशा रखें प्रसन्न

आज हम आप लोगों को 9 ग्रहों में सबसे ख़तरनाक और हमारे अच्छे बुरे कर्मों का तुरन्त ही फल देने वाले ग्रह जिनके नाम से ही बड़े से बड़ा शक्तिशाली मनुष्य भी खौफजदा हो जाएं और यह चाहें तो फकीर को भी अमीरी का स्वाद चखा दे। कुछ भी कर सकते है कोई रोकने वाला भी नहीं है इस ग्रह को। इस ग्रह का नाम शनि ग्रह है शनि ग्रह के नाम से ही लोग खौफ खाने लगते हैं और विशेष तौर पर वह लोग जो गलत करते हैं बहुत से लोगों की जन्म कुंडली में शनि ग्रह की स्थिति अत्यंत ही खराब होती है और जातक कष्टदाई जीवन जीने को मजबूर हो जाता है ऐसा पूर्व जन्मों के कर्मों के अनुसार होता है माना जाता है जिन कुण्डली में शनि ग्रह की स्थिति अच्छी मजबूत हो तो उस जातक को भी यह तब तक शुभ फल नहीं देते जब तक वह उनसे संबंधित जप पूजा पाठ आराधना आदि नहीं करता है
मनुष्य पर सर्वाधिक समय तक प्रभाव रखते हैं शनि

1 बात स्पष्ट है शनि ग्रह की जन्म कुंडली में स्थिति शुभ हो या अशुभ हो इनकी आराधना अवश्य ही करनी चाहिए।
आज हम आपको शनि ग्रह को प्रसन्न करने हेतु बताए गए 3 ऐसे सिद्ध सरल आसान तुरंत फलदाई उपाय बताएंगे जिन उपायों को यदि कोई व्यक्ति करता है तो वह शनि ग्रह की विशेष कृपा से लाभान्वित अवश्य ही होता है इसमें रति भर भी संदेह नहीं।
शनि ग्रह को प्रसन्न करने हेतु पहला उपाय जो सिद्ध बताया गया है वह है भैरव आराधना। यानी भैरव स्तोत्र, बटु भैरव स्तोत्र या शनि कवच,शनि स्तोत्र का नियमित तौर पर पाठ करना।
कवच व स्त्रोत होते हैं अत्यंत ही प्रभावशाली
कहा जाता है कि इन स्त्रोत कवच में से किसी 1 का भी मनुष्य यदि रोज पाठ करता है श्रद्धा पूर्वक पड़ता है तो उसे कभी भी शनि ग्रह की पीड़ा नहीं सता सकती है ऐसे व्यक्ति के लिए जब जब शनिदेव की साढ़ेसाती, ढैया या शनि देव गोचर में या महादशा आदि के अनुसार यदि मजबूत होंगे तो ऐसे जातक को अवश्य ही अति सुंदर फल प्रदान करेंगे अकाट्य कष्टों को दूर करेंगे बड़ी से बड़ी पीड़ा से व्यक्ति को बचाएंगे और हमेशा रक्षक के तौर पर ऐसे जातक के साथ सदैव खड़े रहेंगे शनि ग्रह की स्थिति यदि जन्म कुंडली अत्यधिक खराब हो तो ऐसी स्थिति में तो अवश्य ही नियमित तौर पर इसका पाठ करना चाहिए यदि शनि ग्रह की स्थिति शुभ है जन्मकुंडली में किंतु उनसे संबंधित शुभ फल प्राप्त नहीं हो पा रहा है तो ऐसी परिस्थिति में तो अवश्य ही नियमित रूप से इन कवच या स्त्रोत का पाठ अवश्य ही करना चाहिए
सरसों का तेल शनिवार को शनि मूर्ति में चढ़ाएं

दूसरा उपाय जो नियमित तौर पर करने के लिए बताया गया है वह बताया गया है कि अपने घर में प्रातः और सायं नियमित तौर पर यादव सरसों के तेल का दीपक या फिर तिल के तेल का दीपक नियमित तौर पर अवश्य ही चलाएं किसी विशेष परिस्थिति में छूट जाए तो वह अलग बात है अन्यथा छूटना नहीं चाहिए जब-जब शनि ग्रह संबंधित पीड़ा कष्ट दुख हमें प्राप्त हो रहे होते हैं या फिर शनि ग्रह की शुभ स्थिति हमारे लिए शुभ फलदाई नहीं हो पा रही है हमें शुभ फल प्राप्त नहीं हो पा रहा हो। तो ऐसी किसी भी परिस्थिति जब शनि ग्रह हम पर पूर्ण प्रभावी हो रहे हों शुभ व अशुभ के कारक बने हुए हो तो यह उपाय भी राम बाण औषधि से कम नहीं शनि ग्रह को अपने अनुकूल बनाने हेतु। यदि जन्म कुंडली में मंगल ग्रह के साथ यदि शुभ युति स्थिति बनी हुई है तो लाल रोली कलेवा या लाल कपड़े की बत्ती का इस्तेमाल भी कर सकते है।
तामस, अनैतिक कर्म,गलत कार्यों से रहें हमेशा दूर
तीसरा और अत्यंत ही महत्वपूर्ण बताया गया है कि शनि ग्रह की हम पर शुभ हो या अशुभ अपने पूर्ण प्रभाव के समय हमें अवश्य ही प्रभावित करती है आन्तरिक व ब्राह्य तौर पर। हमारा आहार और व्यवहार भी प्रभावित होता है तो इस समय पर जब हम पर शनि देव पूर्ण रूप से प्रभावी हो तो भूल कर भी हमें मांस मदिरा तम्बाकू अनैतिक कर्म आदि गलत कार्यों से अवश्य ही बचना चाहिए अन्यथा हमारे द्वारा किए जा रहे शनि देव निमित्त सभी उपाय धरे के धरे रह जाएंगे यानिकि अब तक का किया सब बेकार व्यर्थ चला जाएगा। तो अवश्य ही हमें इस बात का ध्यान रखना है और बचाव करना है इसके अतिरिक्त शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए एवं शांति हेतु शनिवार के दिन प्रातः काल अंधेरे में ही शनि मंदिर पर जाकर तिल के तेल का दीपक जलाना चाहिए और वहां पर स्थित पीपल के वृक्ष या बट वृक्ष पर जल अवश्य ही चढ़ाना चाहिए।

नमक पानी से पोछा लगाने से भी दूर होती है शनि पीड़ा
घर में शनिवार के दिन अवश्य ही नमक पानी का पोछा अवश्य ही लगाना चाहिए अपने दुकान प्रतिष्ठान पर हल्का सा नमक का छिड़काव भी इस दिन अवश्य ही करना चाहिए।
यदि अनुकूल परिस्थिति बने तो मदिरा का दान शनिवार के दिन अवश्य ही करना चाहिए। ऐसे बहुत सारे छोटे छोटे उपाय शनि देव को प्रसन्न करने हेतु ज्योतिषशास्त्र में बताए गए किंतु यह उपाय अत्यंत ही सरल है और यदि हम इनको करते हैं तो इनका प्रतिफल अवश्य ही देखते हैं और शनि ग्रह संबंधित लाभ अवश्य ही हमारे देखने में आता है तो जानकारी काफी अच्छी थी शनि ग्रह संबंधी पसंद आए तो जरूर आगे बढ़ाकर आप इसे शेयर कर सकते हैं
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