टेलीविजन पर 1 एड प्रसारित होते रहता है कि डर के आगे जीत है लेकिन सचमुच में ऐसा है नहीं यह सिर्फ सुनने बोलने में अच्छा लगता है डर 1 ऐसी चीज है जो 1 बार हमारे दिल दिमाग में बैठ जाता है तो आसानी से जाता नहीं है अपना आभाष किसी न किसी रूप में अवश्य ही कराते रहता है
अशुभ ग्रहों के हावी होने पर होता है ऐसा

ज्योतिष शास्त्र में डर का कारण शुभ ग्रहों का कमजोर होना व राहु केतु जैसे ग्रहों का अशुभ स्थिति में होना माना जाता है ज्योतिष शास्त्र में डर, भय, त्रास आदि ऐसी समस्या को दूर करने हेतु अत्यंत ही सरल सिद्ध आसान उपाय एवं मंत्र बताए गए हैं आज हम आप लोगों को इनमें से एक ऐसा उपाय मंत्र बताएंगे जो कि हमारे आराध्य पूज्यनीय ग्रंथ रामचरितमानस से लिया गया है इसके बारे में कहा गया है कि यह सिद्ध सम्पुट मंत्र है और इसके नियमित जाप से व्यक्ति अपनी किसी भी देह बाधा, बाहरी शत्रु बाधा आदि में अपनी रक्षा कर सकता है अपने अज्ञात भय को खत्म कर सकता है डर से मुक्ति प्राप्त कर सकता है

जापने पर पता चलता है कि कितना सिद्ध है यह मंत्र

इतना सिद्ध चमत्कारी मंत्र है यह और साथ में आसान भी। सुबह सांयकाल 1 निश्चित संख्या में नियमित रूप से पवित्रता का ध्यान रखते हुए जापने में कोई भी व्यक्ति इसका चमत्कारी असर देख सकता है मंत्र निम्न वत है
मामभिरक्षय रघुकुलनायक।
धृतवरचाप रूचिकर सायक।।
ऐसे मंत्र बहुत कम ही होते हैं जो तुरन्त ही अपना असर दिखाते है
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