यह जन्म दिनांक वाले आंख बन्द करके धारण करें गोमेद रत्न

ज्योतिष शास्त्र 1 ऐसा शास्त्र है जिससे हम अपने बारे में सब कुछ पता लगा सकते हैं इसकी हर विधा अपने आप में एक से बढ़कर एक है जो कि एकदम सब कुछ सही सही बता देती है जन्म कुण्डली विश्लेषण से निकलने वाली जानकारी हो या फिर अंक शास्त्र, वास्तु शास्त्र,हस्त रेखा, शगुन शास्त्र या प्रश्न विद्या हो हम किसी भी माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं

जन्म दिनांक है प्रमाणिक माध्यम

 आज हम अंक शास्त्र की ऐसी जानकारी आप लोगों के लिए लेकर आए हैं कि आप अपनी जन्म दिनांक से पता लगा सकते हैं कि आप को कौन सा रत्न धारण करना चाहिए बहुत से ऐसे लोग होते हैं जिनके पास अपनी कुण्डली का कोई विवरण नहीं होता है यहां तक कि उन्हें अपनी सही जन्म दिनांक भी पता नहीं होती है ऐसी स्थिति में उन्हें कौन सा रत्न धारण करना चाहिए यह या तो वह अपने लक्षणों से पता लगा सकते हैं या फिर जो चलन में उनकी जन्म दिनांक है उसके अनुसार पता लगा सकते हैं आज हम आपको बताएंगे कि राहु ग्रह का प्रिय रत्न गोमेद कौन सी जन्म दिनांक वाले लोग आंख बन्द करके धारण कर सकते हैं

प्रचलित जन्म दिनांक को महत्वत्ता दें

यहां पर इस बात को समझना जरूरी है कि जो जन्म दिनांक हमारी प्रचलित है उसे ही हमें प्राथमिकता देनी चाहिए यदि सही जन्म दिनांक हमें पता नहीं हो तो। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 4 के अंक के स्वामी राहु ग्रह को माना गया है अतः जिन लोगों की भी जन्म दिनांक 4, 13, 22, 31 है तो उनके स्वामी राहु ग्रह है अतः उन्हें आंख बन्द करके गोमेद रत्न धारण कर लेना चाहिए जिनके पास कुण्डली उपलब्ध भी हैं तो उन्हें भी राहु रत्न गोमेद धारण करना चाहिए क्योंकि इन जन्म दिनांक वालों को राहु ग्रह खराब फल नहीं देंगे अपने मन को फिर भी तसल्ली देने हेतु किसी अच्छे ज्योतिषी से राय मशविरा कर सकते हैं और ध्यान देने वाली बात यह है कि गोमेद रत्न 12 कैरेट या 12 रत्ती भार से ज्यादा का ही पहनना चाहिए इससे नीचे भार का रत्न नहीं के बराबर असर करता है अपने प्रचलित नाम की गणना किसी अच्छे ज्योतिषी से कराकर आप रत्न भार निर्धारित कर सकते हैं

12 रत्ती भार से ऊपर का रत्न धारण करना चाहिए

अन्यथा 12 रत्ती कैरेट भार से ऊपर का जो भी अंक आपको पसंद आता हो या जो आपकी अन्तरआत्मा कहती हो उतने भार का आपने धारण करना चाहिए। यदि तब भी गोमेद धारण करने हेतु मन में किसी भी प्रकार का संशय हो तो राहु ग्रह के इष्ट देव का ध्यान या राहु ग्रह के मंत्र का जाप नियमित कुछ समय 108 दिन तक अवश्य ही कर लेना चाहिए जिससे कि यह कभी भी आपको खराब फल नहीं देंगे और शुभ फल ही प्रदान करेंगे। अतः इस विषय से संबंधित अधिक जानकारी वीडियो के माध्यम से देखने हेतु ब्लू लाइन को यहां क्लिक करें धन्यवाद

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