यदि इस जानकारी को आप अपने जीवन में लागू करते हैं इसको फालो करते हैं तो इसका बहुत जल्द ही चंद समय में ही शुभ परिणाम चमत्कारिक परिणाम आपके जीवन में देखने में आ सकता है यह एक प्रकार से शास्त्रों का निचोड़ भी इसे कहा जाता है क्योंकि विद्वान आचार्य ज्योतिष शास्त्री लोग इस चीज की राय अक्सर देते हैं वह बताते हैं कि आप के प्रातः काल उठने का समय पूजा करने का समय इसके अलावा खाने का समय घर से बाहर निकलने का समय ऑफिस आदि में प्रवेश करने का समय या किसी भी शुभ कार्य में जो करने का समय है

वह किसी भी 1 घंटे के मध्य से पहले का होना चाहिए 1 घंटे कहने का अर्थ यह है की 7 से 8 , 8 से 9, और 9 से 10, 7 से 8 एक घंटा इसका मध्य हो गया 7 से 7:30 से पहले का कोई भी यदि पूजा इत्यादि करते हैं घर से बाहर निकल रहे हैं तो आपके लिए 7:00 बजे से 7:30 समय उपयुक्त है इसी तरह से 9 से 9:30 का 10 से 10:30 का यह समय उपयुक्त समय माना जाता है उसके पीछे का तर्क यह है कि यह समय बढ़ता हुआ समय होता है 30 के बाद का समय होता है वह धीरे-धीरे वह कुछ कमजोर होता हुआ बूढ़ा होने वाला समय माना जाता है जो निष्क्रिय समय होता है वहां पर को कार्य नहीं करने चाहिए कम कार्य करने चाहिए आवश्यक हो तो वहां पर को कार्यों को करना चाहिए अक्सर आपने देखा ही होगा ज्योतिष विद्वान लोग जब भी आपको कोई रत्न इत्यादि समय मुहूर्त आदि बताते हैं तो वह ध्यान रखते हैं कि आपको सवा का समय बताया जाए यानी की मध्य से पहले का समय बताया जाए वह समय अक्सर बहुत ज्यादा प्रभावी होता है तुरंत फल देने वाला होता है तो हम आपसे यही निवेदन करेंगे की आप भी अपने दैनिक दिनचर्या में इन चीजों का प्रयोग करिए एक बार इसको फॉलो करिए लगू करिए कहीं ना कहीं यह आपके जीवन में बदलाव ला सकती है परिवर्तन कार्य रहती है क्योंकि हम खुद इन चीजों को फॉलो करते हैं और कहीं ना कहीं इसका सकारात्मक परिणाम जीवन में देखने में आता है इसका शुभ फल देखने में आएगा।।
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