ज्योतिष शास्त्र 1 ऐसा शास्त्र है जिसके माध्यम से व्यक्ति विशेष अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाकर उसे खुशहाल बना सकता है जरुरत है ज्योतिष शास्त्र में विश्वास की। ज्योतिष शास्त्र में अपनी समस्या को दूर करने का व जीवन में खुशहाली लाने का 1 सरल तुरन्त फलदाई तरीका है रत्न धारण। जिस ग्रह से सम्बन्धित समस्याएं हैं अक्सर उसी ग्रह का रत्न धारण करने का प्रावधान है किन्तु रत्न धारण गंभीर समस्या कष्ट को देखते हुए भी धारण करने का प्रावधान भी बताया गया है जैसे मन यदि अत्यधिक चंचल क्रोध अत्यधिक हो तो मोती धारण करना चाहिए बच्चा या अन्य मंद बुद्धि हो तो पन्ना धारण करना चाहिए ऐसे ही अन्य ग्रह की विशेषताओं उनसे संबंधित समस्याओं के कारण भी रत्न धारण करने का प्रावधान है
ऐसी स्थिति हो तो सोचें नहीं तुरंत पहनें
आज इस लेख में आप लोगों को हम बताएंगे कि सूर्य ग्रह के रत्न माणिक्य को किन परिस्थितियों वास्तविकताओं समस्याओं को देखते हुए हम आंख बंद करके धारण कर सकते हैं पहला बताया गया है पिता से सम्बन्ध। सूर्य ग्रह को पिता का कारक ग्रह माना गया है यदि किसी जातक को अपने जन्म के बाद से अपने पिता का किसी भी प्रकार का सुख नहीं मिल पाता।या किसी जातक के अपने पिता के साथ सम्बन्ध अच्छे मधुर नहीं रहते हमेशा ही तनाव बना रहता है किसी न किसी प्रकार की समस्या हमेशा ही बनी रहती है तो अवश्य ही जातक ने माणिक रत्न धारण करना चाहिए समस्या हमेशा के लिए दूर हो जाती है

आलस्य पना शारीरिक शक्ति में कमी तो पहनें माणिक
दूसरा बताया गया है कि यदि व्यक्ति में गति की कमी हो गति का अर्थ है ऊर्जा से सूर्य को ऊर्जा का प्रतीक माना गया है यदि व्यक्ति मैं आलस बना है किसी भी कार्य को करने के लिए अंदर से इच्छा शक्ति का अभाव है शरीर में शक्ति का अभाव है और व्यक्ति चाह कर भी शक्ति पूर्वक कार्य नहीं कर पा रहा है तो अवश्य ही हमें आंख मूंदकर माणिक रत्न धारण करना चाहिए यदि जीवन में गति की कमी है ऊर्जा की कमी है तो।
लाइलाज चर्मरोग का 1 इलाज माणिक रत्न
तीसरा बताया गया है कि आंख मूंदकर माणिक रत्न धारण कर लेना चाहिए यदि व्यक्ति चर्म रोग प्रचार रोग से पीड़ित है किसी भी प्रकार का एलर्जी कल रोग हो त्वचा से संबंधित हो नेत्र कमजोर हो रहे हो नेत्र की रोशनी कमजोर हो गई हो बाल झड़ रहे हो और त्वचा से परेशानी उत्पन्न हो रही हो तो बिना कुछ सोचे आंख मत कर माणिक रत्न धारण कर लेना चाहिए।चौथा बताया गया है कि यदि सरकारी सेवा में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न हो रही हो या सरकार से किसी प्रकार की समस्या व्यक्ति को हो रही हो सरकारी नौकरी आदि है तो उसमें लाभ नहीं मिल पा रहा हो परेशानी ही परेशानी बनी हुई हो तो भी बताया गया है कि आंख मूंदकर माणिक रत्न को धारण कर लेना चाहिए इससे किसी भी प्रकार की सरकारी समस्या कृति को हो तो दूर हो जाती है
प्रसिद्धि प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान है माणिक का
।पांचवा अत्यंत महत्वपूर्ण व विशेष बताया गया है कि बहुत से व्यक्ति क्योंकि प्रसिद्धि आदि के लिए कार्य करते हैं और उन्हें प्रसिद्धि यदि प्राप्त नहीं हो पा रही है यदि किसी व्यक्ति का कार्य ऐसा है कि उसे जनहित में जन कल्याण में पहुंचना चाहिए और नहीं पहुंच पा रहा है तो कहने का अर्थ है कि व्यक्ति यदि प्रसिद्ध होने के लिए कार्य कर रहा है और उसे उसके कार्य में अनुकूल सफलता प्राप्त नहीं हो रही है तो आंख मूंदकर माणिक रत्न धारण कर लेना चाहिए माणिक रत्न को प्रसिद्धि का भी कारक माना जाता है आप देखते होंगे जो प्रसिद्ध व्यक्ति हैं फेमस व्यक्ति जो होते हैं वह हमारे किसी न किसी रूप से अपने पास अवश्य ही रखते हैं या धारण अवश्य अपने पास करते हैं माणिक रत्न को हम किन परिस्थितियों में बिना जन्मपत्रिका दिखाएं किसी अन्य माध्यम के किन लक्षणों अनुभव अपनी समस्याओं को देखते हुए हम धारण कर सकते हैं या संक्षिप्त में हमने आपको बताया यदि जानकारी आप लोगों को पसंद आए तो जरूर आगे बढ़ाकर आप इसे शेयर कर सकते हैं धन्यवाद अधिक जानकारी हेतु मुझे क्लिक करें


Nice information guruji🙏
धन्यवाद गुरुदेव
जब से आप के संपर्क में आया हूं तब से काफी कुछ सीखने को मिल रहा है |
ऐसा लगता है कि अब सही ज्ञान मिल रहा है अब तक अंधकार में थे…!