3 ग्रह भाव आपके साथ तकदीर आपके साथ

ज्योतिष शास्त्र में यदि अपना भूत भविष्य वर्तमान के बारे में सही सटीक जानकारी हमें प्राप्त करनी है तो जन्म कुंडली का होना अति आवश्यक है इसके बिना सम्भव नहीं है जन्म कुंडली के 12 भावों में विराजमान 9 ग्रह ही हमारे पूरे जीवन की रुपरेखा तैयार करते हैं और अपने जीवन के बहुत से शुभ फल प्राप्त करने हेतु एवं अशुभ फल शमन हेतु ग्रह भाव सम्बन्धित उपाय आदि करते हैं तो अवश्य ही सफलता भी प्राप्त करते हैं।

जन्म कुंडली है हमारी किस्मत का आइना

आज हम आप लोगों को बताएंगे कि 12 भावों में से यदि 3 भावों को हम सही कर लेते हैं तो अपने पूरे जीवन को खुशियों से भर लेते हैं
इनमें पहला भाव है 9 नवम जिसे भाग्य भाव भी कहा जाता है इह भाव को स्वामी या इस भाव में बेठा या बैठे ग्रह यदि मजबूत स्थिति में है तो मनुष्य का भाग्य बलवान रहेगा आसानी से चीजें उसे प्राप्त होंगी। कमजोर है दोनों तो फल इसके विपरीत जानिए उपाय आदि तुरन्त करना हितकारी रहेगा।
दूसरा भाव बताया गया है 2 द्वितीय धन भाव इस भाव के स्वामी और इस भाव में बैठे हुए ग्रह यदि मजबूत स्थिति में तो सदा सर्वदा धन की कभी कमी नहीं रहेगी

रूपया पैसा है तो मनुष्य शक्तिशाली है

यदि मनुष्य के पास भरपूर मात्रा में धन रुपया पैसा है तो वह जीवन की 90% से अधिक समस्या का शमन कर सकता है और यदि धन भाव कमजोर दूषित है तो फल इसके विपरीत ही जानिए।
तीसरा बताया गया है 12 द्वादश भाव जिसे व्यय भाव भी कहते हैं इस भाव के स्वामी व इस भाव में बैठे हुए ग्रह की स्थिति यदि शुभ है अनूकूल है कारक है तो तो व्यक्ति को कभी भंयकर कष्ट आ नहीं सकते। हमेशा दुखों कष्टों मुसीबतों समस्याओं से वह बचा रहता है। या किसी न किसी प्रकार से पूर्व से ही बचाव में लग जाता है और यदि कमजोर है पापयुक्त है दूषित है इस भाव के स्वामी या इसमें बैठे ग्रह तो फल सदा सर्वदा विपरीत ही जानिए इस विषय पर अधिक जानकारी हेतु ब्लू लाइन शब्दों को टच करें धन्यवाद

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