काले प्राणी से भय,पतन हानि, लोहे से नुकसान, बहुत सारे कष्ट तो आंख मूंदकर पहने नीलम रत्न।

ज्योतिष शास्त्र 1 ऐसा शास्त्र है जिसके माध्यम से व्यक्ति विशेष अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाकर उसे खुशहाल बना सकता है जरुरत है ज्योतिष शास्त्र में विश्वास की। ज्योतिष शास्त्र में अपनी समस्या को दूर करने का व जीवन में खुशहाली लाने का 1 सरल तुरन्त फलदाई तरीका है रत्न धारण। जिस ग्रह से सम्बन्धित समस्याएं हैं अक्सर उसी ग्रह का रत्न धारण करने का प्रावधान है किन्तु रत्न धारण गंभीर समस्या कष्ट को देखते हुए भी धारण करने का प्रावधान भी बताया गया है जैसे मन यदि अत्यधिक चंचल क्रोध अत्यधिक हो तो मोती धारण करना चाहिए बच्चा या अन्य मंद बुद्धि हो तो पन्ना धारण करना चाहिए ऐसे ही अन्य ग्रह की विशेषताओं उनसे संबंधित समस्याओं के कारण भी रत्न धारण करने का प्रावधान है आज इस लेख में आप लोगों को हम बताएंगे कि शनि ग्रह के रत्न नीलम को किन परिस्थितियों वास्तविकताओं समस्याओं को देखते हुए हम आंख मूंदकर धारण कर सकते हैं

भय हो काले मनुष्य या प्राणी से तो पहनें नीलम रत्न

पहला बताया गया है काला प्राणी। यानिकि काले रंग का कोई पशु पक्षी मनुष्य आदि जीवित प्राणी से यदि किसी मनुष्य को बार-बार परेशानी हो रही है या नुकसान हो रहा है या भय बना हुआ है तो यह दोष शनि ग्रह के कारण होता है अतः ऐसी स्थिति में आंख बंद करके नीलम रत्न धारण कर लेना चाहिए ऐसी किसी भी समस्या से यह रत्न व्यक्ति को लाभ पहुंचाता है

विकलांगता कैसी भी हो फायदा देता है नीलम रत्न

दूसरा बताया गया है विकलांगता यदि व्यक्ति जन्म से विकलांग है या उसके पश्चात किसी दुर्घटना बस उसके किसी अंग की क्षति हुई है जिससे कि व्यक्ति विकलांगता के दायरे में आ जाता है तो मान लेना चाहिए कि यह परिस्थितियां शनि ग्रह के कारण है या उत्पन्न हुई हैं अतः आंख मूंदकर नीलम रत्न धारण कर लेना इनसे संबंधित समस्याओं में लाभ देने वाला माना जाता है

निरंतर पतन या हो रही हो हानि तो पहने नीलम रत्न

तीसरा अत्यंत महत्वपूर्ण पतन हानि यदि व्यक्ति अपनी स्थिति से नीचे की ओर निरंतर ही जाता रहा है कहीं न कहीं उसे यह महसूस होता हो कि उसके जीवन में उन्नति नहीं है लगातार अथक प्रयास के बावजूद भी वह पीछे ही जा रहा है हर कार्य कोई भी हो उसे हानि ही उठानी पड़ रही हो ऐसी परिस्थितियां भी शनि ग्रह के कारण ही जीवन में उत्पन्न होती है तो इसका समाधान नीलम रत्न पहन कर प्राप्त किया जा सकता है अत्यंत चमत्कारी फलदाई माना जाता है ऐसी परिस्थितियों में नीलम रत्न धारण करना।

लोहा देने लगे कष्ट व धोखा तो पहने नीलम रत्न

चौथा बताया गया है लोहे से हानि। लोहा शनि ग्रह की प्रिय धातु माना गया है यदि शनि ग्रह किसी पर प्रसन्न हो जाए तो कहा जाता है लौह वरदान देते हैं लोहे के कारोबार से संबंधित चीजों में व्यक्ति अपने जीवन में अथाह उन्नति करता है तथा धन कमाता है इसके विपरीत शनि ग्रह अनुकूल नहीं है तो लोहे से संबंधित व्यक्ति को समय-समय पर पीड़ा प्राप्त होती रहती है जहां जहां लोहे का संबंध होगा वहां वहां पर व्यक्ति को कहीं न कहीं बड़ी भारी परेशानियां मुसीबतें अवश्य आती रहेंगी यदि ऐसी परिस्थितियां या समस्याएं किसी जातक पर बनी रहती हैं उसे देखने में आता है कि लोहा उसे बिल्कुल भी सूट नहीं करता है तो अवश्य ही ऐसे जातक में आंख मूंदकर नीलम रत्न धारण कर लेना चाहिए इस परेशानी से निकालने में एकमात्र सरल आसान तुरंत फल देने वाला माध्यम है नीलम रत्न।

जब नुकसान पहुंचा है यह प्राणी तो देर ना करें नीलम रत्न पहनने में

पांचवा महत्वपूर्ण प्रत्यक्ष लक्षण माना जाता है यदि ऐसा किसी जातक के साथ हो जाए तो उसे मान लेना चाहिए लिखित रूप से कि शनिदेव उसके विपरीत हैं अवश्य ही उसे अनुकूल बनाने हेतु उपाय रतन धारण आदि कर लेने चाहिए कहां गया है कि यदि व्यक्ति को पर काले कौवे, चील, या किसी काले पक्षी द्वारा यदि चोंच मारी गई है या उसके ऊपर पर गंदगी कर दी गई है पक्षी द्वारा। या पक्षी उसे बार-बार परेशान कर रहे हैं काले पक्षी। इसके अतिरिक्त यदि काले कुत्ते आदि से भय रहता हो कभी काट लिया हो काले कुत्ते या अन्य किसी कुत्ते द्वारा या काली गाय, भैंसें द्वारा या काले बैल द्वारा कभी किसी प्रकार का नुकसान चोट आदि व्यक्ति को पहुंचा हुआ हो यह मन में भय बना रहता हो इनके प्रति तो अवश्य ही आंख मूंदकर बिना दाएं बाएं देखें नीलम रत्न धारण कर लेना चाहिए कभी भी ऐसी किसी परेशानी को यह आप तक पहुंचने नहीं देगा इतना चमत्कारी रत्न है नीलम रत्न। तो यह कुछ संक्षिप्त से लक्षण परिस्थितियां जिनमें आंख बंद करके नीलम रत्न धारण किया जाता है आप लोगों के लिए हम लेकर आए यह जानकारी आप लोगों को पसंद आए तो जरूर आगे बढ़ाकर शेयर करिए धन्यवाद अधिक जानकारी हेतु मुझे क्लिक करें और देखें वीडियो

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