अद्भुत शास्त्र है ज्योतिष शास्त्र क्या कहना इस शास्त्र का इस शास्त्र का हम जितना भी गुणगान करें उतना कम है 9 ग्रहों की हर प्रकार की समस्याओं का समाधान तो इसमें है ही साथ ही हमारे जीवन में आने वाली सभी समस्याओं का समाधान भी हमें आसानी से इस शास्त्र में मिलता है आज हम आप लोगों को नवग्रहों में सबसे खतरनाक एवं मिनट में काया पलट कर रख देने वाले ग्रह राहु ग्रह एवं केतु ग्रह से संबंधित 1 ऐसी जानकारी लेकर आए हैं जिस जानकारी को अपने जीवन में लागू करने से हम कभी भी राहु ग्रह व केतु ग्रह की पीड़ा के पात्र नहीं बन सकते हैं और इस जानकारी को लागू करने से उनके चमत्कारी अद्भुत फल के पात्र तो अवश्य ही बन जाते हैं

जिस पर प्रसन्न उसकी काया पलट देते हैं
इस जानकारी का बहुत बड़ा महत्व ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है तो बात करते हैं क्या है यह जानकारी। ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि राहु ग्रह व केतु ग्रह को हमेशा अपने अनुकूल बनाए रखने हेतु सर्वप्रथम हमें कभी भी फटे पुराने एवं गन्दे कपड़े भूलकर भी कभी धारण नहीं करने चाहिए 1 बार पहने हुए वस्त्र दुबारा धोकर ही धारण करने चाहिए ध्यान इस बात का रखना है कि वस्त्र किसी भी प्रकार से कहीं से भी फटा हुआ नहीं होना चाहिए साथ ही साथ सफेद रंग के कपड़े हमेशा नील में रंग कर ही पहनने चाहिए इससे हमेशा राहु ग्रह व केतु ग्रह प्रसन्न रहते हैं एवं हमारी सभी अभिलाषा पूरी करते हैं


हर किसी के लिए नहीं बना है पवित्र रुद्राक्ष
दूसरा उपाय राहु ग्रह व केतु ग्रह को प्रसन्न करने के लिए बताया गया है कि रुद्राक्ष को धारण नहीं करना चाहिए रुद्राक्ष जिसके वृक्ष की उत्पत्ति भगवान भोलेनाथ के आशुओं से हुई मानी जाती है महिलाओं को तो भूलकर भी इसे धारण नहीं करना चाहिए रुद्राक्ष साधु सन्यासी सन्त के लिए ही उत्तम बताया गया है या फिर वही मनुष्य जो कि तामसिक चीजों का सेवन नहीं करता है जैसे कि मीट मांस मदिरा आदि का सेवन नहीं करता हो इसके पीछे का कारण यह बताया गया है कि राहु व केतु के आराध्य देव भगवान भोलेनाथ है समुद्र मंथन के समय जब भगवान श्री हरि विष्णु जी सुदर्शन चक्र इनके पीछे पड़ा हुआ था तो तब भोलेनाथ ने इन्हें अपने पास शरण देते हुए इनकी रक्षा की थी जिससे कि यह भगवान भोलेनाथ के अन्नय शिष्य बन गए इसलिए जो कि भी व्यक्ति तामसिक होने के पश्चात रुद्राक्ष धारण करता है उससे यह कुपित रहते हैं और उसे भयंकर कष्ट देने से पीछे नहीं हटते रुद्राक्ष की माला से जाप करने के पश्चात उसे रख देना चाहिए और अकेला रुद्राक्ष धारण नहीं करना चाहिए। बाकी निर्णय आप स्वयं ले सकते हैं खुद को देखते हुए।

कुछ चीजों से बहुत नफरत करते हैं यह 2 ग्रह
तीसरा बताया गया है कि चमड़े से बने हुए जूते चप्पल आदि भी हमें धारण नहीं करना चाहिए साथ ही इनकी पीड़ा से बचने के लिए नीले रंग के जूते चप्पल भी धारण नहीं करने चाहिए यहां तक कहा जाता है कि चमड़े से बना पर्स एवं बैल्ट व अन्य सामान भी हमें धारण नहीं करना चाहिए यदि हम इन बातों का ध्यान रखते हैं तो कभी भी हमें राहु ग्रह व केतु ग्रह की पीड़ा नहीं सता सकती है और जितना हो सके हमें शुभ फल ही प्राप्त होगा तो अवश्य ही हमें इन बातों का ध्यान रखना चाहिए इस विषय पर अधिक जानकारी वीडियो के माध्यम से देखने हेतु यहां क्लिक करें धन्यवाद

