ज्योतिष शास्त्र नवग्रहों के बारे में बताने वाला शास्त्र इन के चमत्कारी परिणामों से मनुष्य किस तरह से लाभान्वित होता है यही ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है किस तरह से अपनी समस्याओं से मुक्त होता है ग्रह कृपा के कारण ज्योतिष शास्त्र पूरा इन्हीं के आगे पीछे घूमता है नवग्रहों की अपनी अपनी अलग विशेषता है हर ग्रह एक दूसरे से हटकर है और बढ़ करें ऐसे ही एक ग्रह जिन्हें अक्समात सफलता का कारक भी माना जाता है धन प्रदाता भी इन्हें कहा गया है यह ग्रह है केतु ग्रह।
यही एक मात्र माध्यम है बिना जन्मपत्रिका के जानने का
आज हम आप लोगों को बताएंगे बिना जन्मपत्रिका या बिना किसी अन्य माध्यम के हम सिर्फ अपने अनुभवों अपनी परेशानियों वह अपने लक्षणों जिनसे हम परेशान हो चुके हैं और जिन से मुक्ति चाहते हैं इन्हें देखते हुए हम कैसे पता लगा सकते हैं कि आप किस ग्रह से जुड़े हुए हैं तो जो आज हम आप लोगों को बताएंगे समस्याएं या लक्षण वह केतु ग्रह से संबंधित होंगी यानी कि जो लक्षण अनुभव या परेशानियां आज बताई जा रही है यदि किसी जातक में यह देखने में आती हैं तो उसे अवश्य ही जान लेना चाहिए या सभी की सभी परेशानियां लक्षण अनुभव हमारे केतु ग्रह से जुड़े हुए हैं केतु ग्रह हमारे अत्यंत ही कमजोर है और हमें इनसे संबंधित उपाय जप दान पूजा-पाठ आदि समय रहते हुए कर देना चाहिए ताकि इनका कोप हमें ना भोगना पड़े आगे को। तो बताया गया है कि

जीवन में धन की कमी तो दोष कारक है केतु ग्रह
यदि व्यक्ति के जीवन में हमेशा ही धन की कमी बनी हुई है हमेशा ही धन के लिए हमें परेशानियों का सामना करना पड़ता है और आगे को भी हमें उम्मीद नहीं होती है कि कभी प्रचुर मात्रा में हमें धन प्राप्त जाएगा तो जिस व्यक्ति के जीवन में बचपन से लेकर वर्तमान अवस्था तक हमेशा ही धन की कमी बनी हुई है तो उसे अवश्य ही आंख मूंद कर जान लेना चाहिए कि उसके केतु ग्रह अत्यंत ही कमजोर है भले ही वह कितने ही अमीर घराने का क्यों ना हो किंतु धन की वजह से यदि उसके कार्य रुक रहे हैं अटक रहे हैं और धन से संतोष नहीं मिल पा रहा है तो जान लेना चाहिए केतु ग्रह कमजोर है अवश्य ही इनसे संबंधित उपाय आदि कर लेना चाहिए इसके विपरीत यदि हम किसी भी अवस्था में हों गरीब हो अमीर हो कार्य कर रहे हो नहीं कर रहे हो किंतु धन की वजह से हमारे कभी कोई कार्य नहीं रुकते हैं जब धन की जरूरत पड़ती है अकस्मात् हमें प्राप्त हो जाता है तो हमें जान लेना चाहिए कि केतु ग्रह हमारे अत्यंत मजबूत है क्योंकि धन की कमी नहीं है जीवन में
आंखों में दोष वह नहीं मिलता है दादी का प्यार
दूसरा बताया गया है कि यदि केतु ग्रह की स्थिति किसी व्यक्ति के जीवन में कमजोर होती हो तो उसके जन्म से पूर्व उसके दादी को कष्ट रहता है उनका निधन आदी हो जाता है या वह किसी ने किसी प्रकार से जातक से दूर हो जाते है और जातक को बचपन से ही नेत्र से संबंधित आंखों से संबंधित पीड़ा परेशानी आती रहती है किसी न किसी प्रकार की केतु ग्रह की खराब स्थिति का यह फल होता है इसके विपरीत यदि कोई समस्या नहीं है तो केतु ग्रह अत्यंत ही हमारे मजबूत है हमें वैसे ही जान लेना चाहिए बिना जन्मपत्रिका बिना किसी अन्य माध्यम के
अकस्मात जब चीजें होती है तो प्रभावशाली होते हैं केतु ग्रह
तीसरा यदि व्यक्ति के जीवन में अकस्मात बड़ी बड़ी घटनाएं बिना बताए हो जाती है जिनकी कल्पना भी व्यक्ति नहीं कर पाता है और जिनसे हमें लंबे समय तक पीड़ा भोगनी पड़ती है कष्ट भोगना पड़ता है अकस्मात् बड़े-बड़े कार्य शुभ चीजें कार्य हमारे हाथ से निकल जाता हैं तो हमें जान लेना चाहिए केतु ग्रह हमारे अत्यंत कमजोर है बार-बार बिना बताए पीड़ा परेशानियां हमारे ऊपर आ रही है अवश्य ही केतु ग्रह से संबंधित उपाय आदि कर लेना चाहिए इसके विपरीत यदि अकस्मात् ही हमारे साथ बड़ी-बड़ी शुभ घटनाएं हो रही हैं जिनकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते हैं तो हमें जान लेना चाहिए कि यह घटनाएं सिर्फ और सिर्फ केतु ग्रह की मजबूत स्थिति में होने से ही हमारे साथ हो सकती हैं तो केतु ग्रह हमारे अत्यंत ही मजबूत है
दमा माना जाता है प्रिय रोग केतु ग्रह का
चौथा बताया क्या है कि यदि व्यक्ति को सांस से संबंधित किसी प्रकार की परेशानी हो सांस लेने में दिक्कत हो यहां तक कि नाक ऊंची भी हो तू भी माना जाता है केतु ग्रह की स्थिति हमारे अनुकूल नहीं है अशुभ फलदाई है दमा विशेष तौर पर केतु ग्रह की खराब स्थिति में देखने में आता है व्यक्ति सांस से संबंधित समस्या से पीड़ित रहता है साथ ही साथ और भी प्रमुख लक्षण हैं जिनमें से माना जाता है कि यदि आधे सिर में व्यक्ति के दर्द रहता हो तो यह भी केतु ग्रह की खराब स्थिति के कारण देखने में आता है शरीर में दर्द रहता हो मन विचलित रहता हो मानसिक तनाव रहता हो और भी कई तरह के लक्षण है जो कि केतु ग्रह की खराब स्थिति में होने पर हमें देखने में आते हैं और जिन से हम पीड़ित रहते हैं और जीवन में तरक्की नहीं कर पाते हैं
जुए सट्टे की आदत नहीं जा रही है तो दोष करी हैं केतु ग्रह
पांचवा महत्वपूर्ण लक्षण तो बहुत हैं किंतु यह बताया गया है कि किसी व्यक्ति को जुए सट्टे लॉटरी या ऐसी किसी अन्य चीज का चस्का या स्वाद लग जाता है और इसके बिना व्यक्ति नहीं रह पाता है और उसकी आज्ञा रोजी-रोटी का साधन ही यही बन जाता है तो अवश्य ही जान लेना चाहिए कि वह केतु ग्रह से प्रभावित है यदि बड़ी स्थिति में उसे लाभ हो रहा है वह सुखी है तो केतु ग्रह उसके सुबह यदि वह कष्ट में है और उसे हानि हो रही है तो केतु ग्रह उसके अशुभ है यह तो ग्रह से संबंधित उपाय जप दान पूजा-पाठ आदि समय रहते कर लेना चाहिए अब बात करते हैं केतु ग्रह से संबंधित उपाय की ज्योतिष शास्त्र में ढेर सारे उपाय केतु ग्रह को प्रसन्न करने हेतु बताए गए
ऐसे उपाय आजमा ते ही अपना असर दिखा देते हैं
आज हम आप लोगों के लिए अत्यंत ही सरल यदि व्यक्ति से आजमाएं तो इसका असर शीघ्र ही उसे देखने में आए ऐसा उपाय लेकर आए हैं अवश्य ध्यान दीजिए और पीड़ा में यदि है केतु ग्रह के तो इसे शीघ्र ही शुरू कर दीजिए । केतु ग्रह की पीड़ा हेतु बुधवार को मछली के लिए सफेद तिल नदी तालाब में नियमित तौर पर डालना चाहिए लगातार ऐसा करने से केतु ग्रह प्रसन्न हो जाते है इसके अलावा सम्भव हो सके तो घर में सफेद कुत्ता पालना चाहिए यदि जब कभी घर में दूध फट जाए तो उस दूध को किसी बिल्ली को देना चाहिए ऐसा करने से भी केतु ग्रह की पीड़ा हमेशा के लिए दूर हो जाती है माना जाता है तो केतु ग्रह से संबंधित संक्षिप्त सी जानकारी यदि आप लोगों को पसंद आई तो जरूर से आगे बढ़ा कर आप शेयर कर सकते हैं धन्यवाद अधिक जानकारी हेतु मुझे क्लिक करें

