1 बार ही करने पर केतु ग्रह का यह उपाय सभी समस्याओं का कर देता है अन्त।ketu grah ka chamatkari upay

नमस्कार गायत्री ज्योतिष केंद्र में आप सभी लोगों का स्वागत हैं आप लोगों के लिए हमेशा ही ज्योतिष शास्त्र से जुड़ी हुई महत्वपूर्ण जानकारी के एपिसोड हम समय-समय पर प्रसारित करते रहते हैं ज्योतिष शास्त्र से जुड़ी हुई हर प्रकार की जानकारी हम आप लोगों के लिए लेकर आते हैं जानकारी ऐसी की जिस पर यदि आप अमल करते हैं तो उसका प्रतिफल आप अवश्य ही देखते हैं आज भी हम आप लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी लेकर आए हैं जानकारी है कि केतु ग्रह से संबंधित आज हम आप लोगों को केतु ग्रह के बारे में ऐसी जानकारी देंगे जिस जानकारी पर यदि आपने अमल कर दिया तो समझ लीजिए कि केतु ग्रह आपके अनुकूल हो गए और आपकी जीवन को सुखमय बनाने में वह कोई कसर नहीं छोड़ेंगे केतु ग्रह को अक्षमात धन प्रदायक ग्रह कहा जाता है मोक्ष प्रदायक ग्रह कहा जाता है कुशाग्र बुद्धि का दाता केतु  ग्रह को कहा जाता है  उसकी बुद्धि की  लोग तारीफ करते हैं मिसाल देते हैं कि ऐसा बुद्धिमान व्यक्ति हमारे चारों ओर हमारे नजदीक में कोई नहीं है जिसका केतु ग्रह प्रबल होता हैं कारक होगा अब यह तो आप लोग जानते ही हैं कि केतु अगर चार भाव में कारक होते हैं.Bad Ketu Signs: जीवन में हो रही हैं ये दुर्घटनाएं तो केतु ग्रह का है दुष्प्रभाव | signs of bad ketu | HerZindagiलग्न पंचम भाग्य दशम जिसके यहां पर को बैठ जाए और व्यक्ति ने समझ लिया कि केतु ग्रह को उसको अपने अनुकूल बना लिया केतु ग्रह को तो वह व्यक्ति के जीवन में ना कभी धन की कमी रहेगी ना कभी उसको कोई मूर्खता वाले कार्य उसके कहने होंगे वह अपने आप में बहुत ही बुद्धिमान माना जाता है और जहां केतु ग्रह कमजोर रहेगा तो जीवन में धन की कमी दरिद्र व्यक्ति को कभी छोड़ती नहीं है और कितनी ही मेहनत कर ले कितना ही प्रयास कर ले बुद्धि कभी उसकी निखरती नहीं है हमेशा कुछ ना कुछ बुद्धि में कमी रहेगी कार्य उसके गलत ही होंगे उल्टे ही कार्य होंगे तो केतु ग्रह को हमेशा अपने अनुकूल बनाए रखना चाहिए बाकी जन्म पत्रिका में केतु ग्रह की स्थिति क्या है आपने किसी अच्छे ज्योतिषी से परामर्श करके जान लेनी चाहिए और उपाय अवश्य कर लेने चाहिए आज हम आप लोगों को केतु ग्रह का एक ऐसा उपाय बताएंगे कि जिस उपाय को करने से भले ही केतु ग्रह आपके कारक है बहुत अच्छी स्थिति में है तो यह चमत्कारी लाभ आपको दिला देगा यह उपाय और यदि केतु ग्रह कमजोर है तो उन्हें मजबूत करके उनका पूर्ण फल आपको दिलाएगा क्योंकि इस उपाय का ज्योतिष शास्त्र में बहुत ही बड़ा वर्णन किया गया है केतु ग्रह के लिए कुसा का बहुत बड़ा महत्व है.Rahu Ketu Dosha Effects, Remedies, Rahu Ketu Ke Upayकेतु ग्रह का कुसा से बहुत घनिष्ठ संबंध है तो इसीलिए जो यह उपाय है यह कुसा से संबंधित है तो इसके लिए ज्योतिष शास्त्र में जो बताया गया है कि कुसा को जो कुसा बिल्कुल पवित्र स्थल पर हो और जिसे आगे का हिस्सा नुकीला हो कोई उसके अगल-बगल जला हुआ ना हो और बिल्कुल साफ जिसे कहते हैं साफ कुसा को आप पांच  कुसा के पत्ते आप लेकर आइए विशेष तौर पर बुधवार के दिन बुधवार जो की केतु का वार माना जाता है तो इस दिन जिस समय पे आप केतु कुसा को लेते हैं तोड़ते हैं तो वहां पर को ओम हुम फट कहते  हुए उसको तोड़ना है एक बार नहीं बोलते रहिए ओम हुम फट क्योंकि ऐसा बताया गया है ओम हुम फट पर इसको बोलते हुए आराम से तोड़िए बोलते रहिए और पांच विशेष तौर पर कुसा के आप वह तोड़ लीजिए क्या कहते हैं जिसमें आगे से पूरे नुकीला पत्ता वो होना चाहिए उसका सिख सिखा होता है  शिखर जो आगे का हिस्सा होता है नुकीला वह जड़ से तोड़ने का प्रयास करिए पांच आप उसको तोड़ के ले आइए बुधवार के दिन आप इसको लाने के बाद आपने क्या करना है  घर पर फटा दूध यदि है तो इत पाकन अगर आप सच्चे दिल से कर रहें होंगे तो आपको घर में अपने आप ही फटा हुआ दूध मिलेगा अन्यथा दूध को आप फाड़ भी सकते हैं जैसे कि दूध में एक बूंद नींबू की डाल दी और उसे फाड़ दिया या फिर गोमूत्र तो सुलभ है तो गोमूत्र या फिर गिलोई जिसका बाबा रामदेव जी काफी प्रचार करते हैं की गिलोई पीजिए वही गिलोई जो कि अक्सर कहीं पर भी मिल जाती है और पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष तौर पर यह काफी मात्रा में मिलती है.do these astro upay daily to get rid of rahu ketu doshतो इन तीनों में से कोई भी चीज चल जाएगी गोमूत्र भी चल जाएगा तो उसे किसी बर्तन पर रखकर बर्तन पर डाल दीजिए थोड़ा ज्यादा गोमूत्र चाहिए और इस कुसा को भिगो दीजिए भिगोने के पश्चात प्रातः काल सूर्य उदय से पूर्व इसको निकाल कर बुधवार की रात्रि को आप इसको बुधवार के दिन लाए कुसा को रात्रि को या शाम को आपने भिगोया और अगले दिन सूर्योदय से पहले ही यह प्रक्रिया करनी है सुबह जल्दी उठ जाइए तो इसको निकाल कर इसकी ऐसा है मुद्राका बनानी है मुद्रिका का अर्थ है अंगूठी रूपी यानी कि उसको पांचो को आपस में लपेटकर आपने जो सबसे बाएं हाथ की छोटी अंगुली वैसे अनामिका अंगुली भी बताई गई है लेकिन कनिष्का अंगुली केतु की होती है तो इसका घ्म प्रयोग करेगें टो इसमें उसको लपेट लीजिए लपेटकर आप उसपे पूरा लपेट लीजिए लपेटकर आप उसे पर पूरा लपेट लीजिए उसको जिस तरीके से भी है तो और उसको थोड़ा इस तरीके से बांध लीजिए कि वो खुले ना भले ही किसी धागे का प्रयोग कर लीजिए पवित्र कोई धागा विशेष तौर पर सफेद में थोड़ा सा काला रंग लगा लीजिए काजल आदि उसे धागे का प्रयोग कर लीजिए या काला धागा या ब्राउन धागा उससे उसमें थोड़ा सा इस तरीके से लपेटे कि वह मुद्रिका ही बनी रहे.केतु कवच पढ़ें – Read Ketu Kavacham Nowअंगूठी रूपी जैसे छल्ला होता है छल्ला रूपी बने रहे अब इसको प्रातः काल ही यह चीज अगर आप नहा धो के करें तो सोने पर सुहागा नहा धोके ही करना चाहिए नहा धोकर इस प्रक्रिया को अपने मंदिर पर कम से कम पांच माला केतु की इसके सामने धूप दीप अगरबत्ती जलाइए इसको भी दिखाइए जिसमें कुसा की मुद्रिका को और वहां पर को पांच माला केतु के मंत्र की ओम कंग केतु नमः की कर सकते हैं या फिर ओम श्रंग श्रींग श्रंग सह केतु नम : जो तांत्रिक मंत्र है इसका भी आप प्रयोग कर सकते हैं तो पांच माला इसकी कर लीजिए उसके पश्चात आप इनका यंत्र बना सकते हैं यंत्र यानी कि एक कांच प्लास्टिक की पन्नी मैं ताकि इसके अंदर कोई पानी आदि न जाए उसको लपेटकर उसके बाहर से किसी काले कपड़े में काले कपड़े या ब्राउन कपड़े में इसको आप सिल लीजिए सुई धागे से और उसमें कोई पहले से सामान अपने पास रखिए एक डोरी जो गले में बांधने वाली होती है काली डोरी वो हो गया और एक प्लास्टिक की पन्नी यह पहले दिन बुधवार से ही अपने पास रखिए बस अगले दिन आपने कुछ नहीं करना है.Ketu Grah Shanti Puja Online - केतु ग्रह शांति पूजापांच मलाई करने के पश्चात इसको फर्स्ट क्लास तरीके से आप सिल दीजिए और इसको इस समय सूर्योदय से पहले ही आप यानी कि बृहस्पतिवार की सुबह वार बुधवार ही रहता है सूर्योदय के बाद ही बृहस्पतिवार लगता है लोग कहेंगे प्रातकाल तो गुरुवार हो जाएगा ऐसा नहीं होता सूर्योदय से सूर्योदय तक एक ही वार माना जाता है और क्योंकि डेट बदल जाती है रात को 12:00 बजे लेकिन वार नहीं बदलता है तो बुधवार अगले दिन सूर्योदय जब तक सूर्योदय नहीं होता तब तक बुधवार ही रहेगा तो सूर्योदय से पहले करना है तो इसको आप गले में बाध दीजिए एक ऐसा चमत्कारी यंत्र आपका यह बन जाएगा कि आपके वारे न्यारें कर देगा ना जीवन में कभी धन की कमी होगी और ना ही कभी आपको बुद्धि के लिए अपनी बुद्धि पर कोई शक होगा विशाल आप खुद अपने आप में देखेंगे वाकई मेरी बुद्धि कुशाग्र है और केतु को मोक्ष प्रदायक ग्रह कहा गया है आपकी बुद्धि सही मार्ग में जाएगी भगवत भजन करेंगे तो आने वाले समय में क्योंकि इस धरती से तो एक दिन सभी को जाना है तो मोक्ष की प्राप्ति भी होगी क्योंकि मोक्ष प्रदायक कहा गया है केतु को ज्योतिष का कारक विग्रह कहा गया है जिसका केतु बहुत मजबूत होता है वह व्यक्ति बहुत अच्छा ज्योतिष भी होता है
जय श्री राम जय श्री कृष्णा ओम नमः शिवाय

इस विषय पर अधिक जानकारी प्राप्त करने हेतु इस लाइन पर क्लिक करें

Leave a Comment