पितृपक्ष पितरों की कृपा प्राप्त करने का सबसे बड़ा अवसर माना गया है इस समय पर पितृदोष से संबंधित उपाय सार्थक सिद्ध होते हैं जिन लोगों के माता पिता नहीं हैं या कोई 1 भी इस दुनिया में नहीं है उन्हें उनका श्राद्ध करना चाहिए पिण्ड दान करना चाहिए और जिनके माता पिता जीवित है और वह पितृदोष सम्बंधित समस्याओं से ग्रस्त है उन्हें इस अवसर पर उपाय आदि करने चाहिए पितृदोष से संबंधित।

श्राद्ध करने से मिलता है पितरों का आशीर्वाद
जिनके माता पिता या इनमें से कोई 1 नहीं है वह 16 श्राद्ध में प्रतिदिन गौमाता को गेंहू के आटे को गूंथकर उसका 1 गोला बनाकर उसमें 2 या 3 दाने जौं के मिलाकर साथ में घी या दूध का बाहरी लेप लगाकर प्रातः काल स्नानादि से निवृत्त होकर गौमाता को खिला दें और गौमाता के चरण स्पर्श कर पितरों की शान्ति हेतु एवं शुभ फल प्राप्ति हेतु प्रार्थना करें। और जिनके माता पिता जीवित है वह प्रतिदिन 1 केले को थोड़ा छिलकर गौमाता को खिला दें


गौमाता साक्षात हारिणी है पितृदोष की
एवं पितृदोष शान्ति हेतु कृपा प्राप्ति हेतु प्रार्थना करें इस अवधि में व्यक्तियों द्वारा पवित्रता बनाए रखने हेतु गोमूत्र से स्नान प्रतिदिन करना चाहिए अवश्य ही पितृदोष से मुक्ति प्राप्त होगी और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होगा। इस विषय पर विस्तार से जानकारी वीडियो के माध्यम से देखने हेतु यहां क्लिक करें धन्यवाद

