(पार्ट – 2 )
SaTik kundali Analysis – जाने उपाय कैसे करें गोमेद+फिरोजा+सफेद मूंगा Ase niklte hai भाग्य शाली रत्न
नमस्कार गायत्री ज्योतिष केंद्र में आप सभी लोगों का स्वागत है आप लोगों के लिए हमेशा ज्योतिष शास्त्र से जुड़ी हुई महत्वपूर्ण जानकारी के एपिसोड हम समय-समय पर प्रसारित करते रहते हैं ज्योतिष शास्त्र से जुड़ी हुई हर प्रकार की जानकारी हम आप लोगों के लिए लेकर आते हैं जानकारी ऐसे ही जिस पर यदि आप अमल करते हैं तो उसका प्रतिफल आप अवश्य ही देखते हैं आज भी हम आप लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी लेकर आए हैं महत्वपूर्ण जानकारी है कुंडली विश्लेषण से संबंधित
गुरु ग्रह–(Guru grah) जिस जातक की जन्म पत्रिका में गुरु ग्रह पंचमेश है धनेश हैं धान भाव के स्वामी होकर पंचम भाव के स्वामी द्वादश में वक्री होकर बैठे हैं तो द्वादश में गुरु का बैठना दुर्गेश को मार्गश भी कहा जाता है और धन के स्वामी भी हैं पंचमेश यानी की बुद्धि के स्वामी है विद्या बुद्धि स्वामी है और द्वादश में चंद्रमा के साथ गज श्री योग इन्होंने बनाया है तो ऐसे व्यक्ति की जो एजुकेशन आदि रहती है पूर्ण एजुकेशन तो अपने मूल स्थान पर कम रहती है अपने घर से दूर ही व्यक्ति पूर्ण एजुकेशन लेता है और धन भी व्यक्ति अपने घर के आसपास से ही नहीं कमाता तो द्वादश में बैठना घर से दूर परिवेश जब व्यक्ति करेगा तो वहां पर को काफी अच्छा धन अर्जित करेगा और गुरु ग्रह ने गज श्री योग तो बनाया है यह विदेशी फॉरेन से संबंध होता है और ऐसा व्यक्ति कभी ना कभी अपना नाम कमाता है जब गज श्री योग फल देता है तो बहुत अच्छा सटीक फल देता है भले ही शुरू में फल ना दे क्योंकि गुरु वक्री है और दूसरा उनके घर में राहु भी बैठे हुए हैं क्योंकि सही समय पर व्यक्ति निर्णय नहीं ले पता है क्योंकि बुद्ध के कारण भी यह तो मनुष्य जब भी जाएगा पहले मौके उसे बहुत मिलेंगे लेकिन वह छोड़ देगा लेकिन जब भी जाएगा बहुत अच्छा वहां पर को जीवन यापन कर सकता है![]()
गुरु ग्रह के उपाय-(Guru grah ke upay ) गुरुवार का उपवास करना चाहिए माता के द्वारा और भगवान विष्णु की नियमित आराधना अवश्य होनी चाहिए और वर्ष में भगवान विष्णु के मंदिर में एक बार अवश्य जाना चाहिए और पूजा -अर्चना अवश्य करनी चाहिए

शुक्र ग्रह-(Shukr grah)जिस जातक के जन्म पत्रिका में शुक्र ग्रह सप्तमेश है और राशि के स्वामी विवेश भी है और छठे स्थान पर बैठ गए हैं एक प्रकार से यह थोड़े से कुछ कमजोर है राशि का स्वामी कमजोर होगा तो शरीर कमजोर होगा हमारा भाग्य भी कमजोर होगा जो एक व्यक्ति एक परसेंट मेहनत करेगा उसे सफलता मिल जाएगी लेकिन हम 80% से मेहनत करेंगे तो हमें सफलता अवश्य मिलती है यानी कि हमारी बहुत ज्यादा मेहनत के बाद भी सफलता मिलने के बहुत कम चांस होते हैं और किसी जातक का चंद्रमा 20% 30% हो तो उसके पूर्ण चांस से बन जाते हैं
शुक्र ग्रह का उपाय- (Shukr grah ke upay)फिरोजा रत्न क्यों की राशि के स्वामी होने से फिरोजा रत्न धारण किया जाता है स्थित तीन जगह पर कमजोर क्यों ना हो सप्तमेश भी है विवेश भी है
शनि ग्रह-(Shani grah) जिन जातकों की कुंडली में शनि ग्रह त्रिवेश और चतुर्थमेश है और भाग्य भाव में बैठे हैं मंगल के साथ तो शनि ग्रह की स्थिति लगभग लगभग ठीक है शनि ग्रह एक ऐसे ग्रह हैं जो कि व्यक्ति को किसी के आगे हाथ फैलाने नहीं देते क्योंकि सुखेश भी है सुख देने वाले हैं अगर आदमी मेहनत करेगा परेशानियों में होगा तो उसे मनाना पड़ेगा या झुक ना पड़ेगा त्रिवेश है यह किसी न किसी के आगे जरुर झुकेंगे.
इस विषय पर अधिक जानकारी प्राप्त करने हेतु नीचे दिए गए वीडियो पर क्लिक करें


BWER Company is Iraq’s leading supplier of advanced weighbridge systems, offering reliable, accurate, and durable solutions for industrial and commercial needs, designed to handle heavy-duty weighing applications across various sectors.
Dedicated to excellence, BWER offers Iraq’s industries durable, reliable weighbridge systems that streamline operations and ensure compliance with local and global standards.