छाता को घर की छत पर खुला रखने से भी राहु ग्रह जनित पीड़ा होती है दूर

राहु ग्रह के लिए एक बात कही गई है कि राहु ग्रह प्रसन्न तो हम प्रसन्न है और राहु ग्रह रूष्ट है तो जीवन में कष्ट ही कष्ट है इसलिए हमेशा ही किसी अन्य ग्रह को अपने अनुकूल रखें या नहीं रखें लेकिन राहु ग्रह को हमेशा ही अपने अनुकूल बनाए रखना चाहिए यदि जीवन में भयंकर कष्टों या कष्टों से बचना है तो।

जन्म कुंडली के उपाय करते हैं बचाव हमेशा

सर्वप्रथम हमेशा ही अपनी जन्म कुंडली में राहु ग्रह की स्थिति और उसके स्वभाव शुभ या अशुभ के बारे में अवश्य ही जानकारी रखनी चाहिए। और गोचर भ्रमण के दौरान की स्थिति स्वभाव के बारे में भी नजर दृष्टि हमेशा ही बनाए रखनी चाहिए क्योंकि राहु ग्रह के बारे में कहा गया है कि वह किस पल करवट बदल दें कोई नहीं जानता यह उनके स्वास्थ्य का 1 अभिन्न अंग है इस लिए वह व्यक्ति हमेशा ही राहु ग्रह की पीड़ा से बचे रहते हैं जो उनके बारे में सचेत रहते हैं भले ही उनकी जन्म कुंडली में राहु ग्रह की स्थिति अत्यंत ही अशुभ खराब फलदाई क्यों नहीं हो।वह हमेशा ही अपना बचाव किए रहते हैं आज हम आप लोगों को ज्योतिष शास्त्र में राहु ग्रह को प्रसन्न करने एवं अपने अनुकूल बनाए रखने हेतु बताया गया एक ऐसा उपाय जिसे यदि आप विश्वास पूर्वक 1 बार ही आजमाते हैं तो इसके चमत्कारी असर परिणाम से अछूते नहीं रह सकते हैं।

राहु ग्रह व केतु ग्रह दोनों की पीड़ा में आराम देता है

इस उपाय से राहु ग्रह की पीड़ा के साथ साथ केतु ग्रह की पीड़ा में भी लाभ उठाया जा सकता है बताया गया है कि जब राहु ग्रह की पीड़ा किसी उपाय आदि से दूर नहीं हो रही हो सभी उपाय आदि व्यर्थ निष्फल जा रहे हो तब 1 नई छाता जो कि काले,नीले,भूरे रंग की हो सकती है लेकर आए और विशेष तौर पर शुक्रवार, शनिवार सायं सूर्यास्त के बाद इसे अपनी छत पर ले जाकर खोल दें और विशेष दक्षिण दिशा की ओर इसे किसी स्थान पर बांध दें जिससे यह कम से कम 18 दिनों तक खुली अपने स्थान पर रह सके। यदि इन 18 दिनों में थोड़ा कुछ भी असर देखने में आता है तो अगले दिन इस छाता को बन्द कर किसी बुजुर्ग साधु सन्यासी या मन्दिर में निवास करने वाले किसी व्यक्ति या जरूरत मन्द को दे दें यदि कोई नहीं मिलता है तो इसे मन्दिर धर्मशाला जैसे स्थानों पर भी रख के आया जा सकता है। यदि 18 दिनों में कुछ भी असर देखने में नहीं आता है तो इस प्रक्रिया को पुनः अगले 18 दिनों के लिए बड़ा दिया जाता है। 2 या 3 बार इस प्रक्रिया को बढ़ाकर करने में अवश्य ही इसका चमत्कारी असर परिणाम देखने में आता है।

ऐसे उपाय कही भी कभी भी किए जा सकते हैं

जो व्यक्ति फ्लैट आदि ऐसे स्थानों पर रहते है जहां छत उपलब्ध नहीं है तो वह लोग बरामदे, बालकनी,घर के भीतर भी दक्षिण दिशा की ओर छतरी खोल कर रखकर इस उपाय को कर सकते हैं। राहु ग्रह के शीघ्र फलदाई उपायों में से 1 यह उपाय यदि आप को पसंद आए तो जरूर आगे बढ़ाकर शेयर करें अधिक जानकारी वीडियो के माध्यम से देखने हेतु क्लिक करें धन्यवाद

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