कालसर्प योग जन्म कुंडली में बनने वाले सबसे खराब योगों में से एक योग माना जाता है कालसर्प योग का अर्थ है जब राहु ग्रह और केतु ग्रह के बीच सभी ग्रह आ जाते हैं। आज हम आपको दूसरे भाव से अष्टम भाव के बीच बनने वाले कुलिक कालसर्प योग के बारे में बताएंगे साथ ही इस योग के लिए बताए गए 1 मात्र उपाय को भी बताएंगे।
संघर्ष का दूसरा नाम कुलिक कालसर्प योग है
कुलिक कालसर्प योग में जन्म लेने वाले व्यक्ति को हमेशा पारिवारिक घरेलू समस्याओं का सामना करना पड़ता है साथ ही इस योग के कारण स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएं भी मनुष्य को घेरे रहती है जीवन में आर्थिक पक्ष को लेकर भी अत्यंत संघर्ष करना पड़ता है जातक कर्कश वाणी से युक्त रहता है जिसके कारण हमेशा ही कलह की स्थिति निर्मित होती ही है साथ ही जातक पारिवारिक विरोध एवं अपयश का भागी भी बनता है

पारिवारिक विरोध हमेशा बना रहता है

योग की तीव्रता के कारण विवाह में विलम्ब के साथ विच्छेद तक की भी संभावना बन जाती है धन की समस्या हमेशा बनी रहती है एवं साथ ही साथ पेशाब गुप्त रोग सम्बन्धी समस्याएं भी जातक को बनी रहती है इस खराब योग से मुक्ति प्राप्त करने हेतु 1 मात्र उपाय यह बताया गया है कि अपने घर के उत्तर पश्चिम दिशा के बीच सफाई कर मिट्टी के बर्तन में पानी भर दें और प्रतिदिन पानी बदलें। और बदले हुए पानी को किसी तिराहे या चौराहे में डाल दें।
ऐसा नियमित करने से कुलिक कालसर्प योग से मुक्ति मिल जाती है इस विषय पर अधिक जानकारी वीडियो द्वारा देखने हेतु ब्लू लाइन शब्दों को टच करें धन्यवाद


मेरे यही योग है गुरुदेव आपने जो भी लिखा है एकदम सही है। बहुत बहुत धन्यवाद गुरुदेव 🙏🙏