ज्योतिष शास्त्र 1 ऐसा शास्त्र है जो हमें भूत भविष्य वर्तमान तीनों की जानकारी सही स्टीक उपलब्ध कराता है यदि हमारा इस शास्त्र में विश्वास है तो जीवन आराम से सुख दायक एवं कष्ट रहित व्यतीत होता है इस शास्त्र के 9 ग्रह ही हमारे जीवन का लेखा जोखा तय करते हैं इनकी शुभ स्थिति जंहा जीवन को सुखमय बनाती है वहीं अशुभ स्थिति जीवन को कष्टमय बनाए रखती है इनमें से कुछ ग्रह तो इतने शक्तिशाली प्रभावशाली होते हैं जो व्यक्ति के जीवन को अपने अनुसार चलाने की सामर्थ्य रखते हैं
किसी की भी किस्मत बदलने की अद्भुत क्षमता रखते हैं यह 2 ग्रह

आज हम आप लोगों को 2 ऐसे ग्रहों के बारे में बताएंगे जो यदि जातक की जन्म कुण्डली में शुभ अच्छी स्थिति में है तो जीवन राजाओं की तरह बन जाता है और यदि अशुभ स्थिति में हो तो नरक हमें इसी जीवन में दिख जाता है हम आप को बताएंगे कि कैसे इन 2 ग्रहों को आप अपने अनूकूल बना सकते हैं और इनसे शुभ चमत्कारी फल प्राप्त कर सकते हैं यह 2 ग्रह कोई और नहीं विद्या, बुद्धि के प्रदाता बुध ग्रह एवं अक्समात कुछ भी हमारे जीवन में करने की सामर्थ्य रखने वाले ग्रह केतु ग्रह है यह 2 ग्रह शुभ स्थिति में है तो जीवन के वारे न्यारे कर सकते हैं और खराब स्थिति जीवन को तहस नहस।

इन 2 ग्रहों का 1 मात्र सबसे बड़ा उपाय है यह

इनको प्रसन्न करने एवं अपने अनूकूल बनाए रखने हेतु ज्योतिष शास्त्र में ढेरों उपाय बताए गए हैं किन्तु आज हम आपको इन दोनों के लिए एक ही ऐसा उपाय बताएंगे जिससे आप दोनों को प्रसन्न कर सकते हैं एवं इनसे मनवांछित फल भी प्राप्त कर सकते हैं बुधवार भगवान श्री गणेश जी का वार माना जाता है इस दिन जो भी व्यक्ति श्रद्धा पूर्वक भगवान श्री गणेश जी की पूजा करते हैं उन्हें कभी भी बुध ग्रह नहीं सताते हैं और हमेशा ऐसे जातक पर अपनी शुभ कृपा दृष्टि बनाए रखते हैं दूसरा ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले ग्रह केतु ग्रह का वार भी बुधवार माना जाता है कथाओं के अनुसार केतु ग्रह का सिर नहीं हैं और हम सभी लोग जानते हैं कि भगवान श्री गणेश जी का सिर भी हाथी का लगा हुआ सिर है
भगवान श्री गणेश जी का प्रिय वार है बुधवार

इसलिए बुधवार को भगवान श्री गणेश जी की आराधना करने से केतु ग्रह कभी भी जातक को अशुभ फल नहीं देते हैं और साथ में प्रसन्न हो जाए तो कल्पना से परे मनवांछित फल प्रदान करते हैं
तो इन 2 ग्रहों को प्रसन्न करने हेतु भगवान श्री गणेश जी से सम्बंधित उपाय करने को बताया जाता है वैसे तो भगवान श्री गणेश जी को प्रसन्न करने हेतु ज्योतिष शास्त्र में अनेकों उपाय बताए गए हैं जैसे नियमित रूप से गणेश कवच, गणेश स्तोत्र एवं गणेश जी के मन्त्रों की स्तुति प्रतिदिन करना सर्वोपरि माना गया है लेकिन समयाभाव के रहते हर किसी के लिए यह थोड़ा मुश्किल हो जाता है
इससे आसान सिद्ध उपाय तो ढूंढ कर भी नहीं मिल सकता है

लेकिन आज हम आपको वह उपाय बताएंगे जिसे कोई भी व्यक्ति आसानी से कर सकता है बताया गया है कि भगवान श्री गणेश जी को प्रसन्न करने हेतु यदि कोई जातक प्रतिदिन प्रातः काल नहा धोकर 3,7, या 9 या इससे ज्यादा दूर्वा जड़ को आगे की ओर करके भगवान श्री गणेश जी की मूर्ति पर अर्पित करता है और भगवान श्री गणेश जी के किसी भी मन्त्र की 1, 3, या 5 माला का जाप उनकी मूर्ति के सम्मुख करता है तो वह भगवान श्री गणेश जी की असीम कृपा का पात्र बन जाता है और उसे कभी भी किसी भी प्रकार का कोई कष्ट नहीं रहता है उसके जीवन में सब कुछ शुभ ही शुभ होना शुरू हो जाता है 1 माला का अर्थ है मन्त्र का 108 बार जाप करना ।
प्रथम पूज्य है भगवान श्री गणेश जी

भगवानश्री गणेश जी के मन्त्र है ॐ श्री गणेशाय नमः या ॐ गं गणपतए नमः इसके अलावा ॐ सिद्धि विनायकाय नमः। और भी कई मन्त्र है किन्तु यह सर्वाधिक जपने जाने वाले सिद्ध मंत्र है और शीघ्र फलदाई मन्त्र है इस उपाय से बुध, केतु ग्रह की कृपा तो प्राप्त होती ही है साथ ही हमें भगवान श्री गणेश जी की छत्रछाया भी प्राप्त होती है। हम उम्मीद करते हैं आप इस उपाय से अपने कष्टों को दूर कर भगवान श्री गणेश जी का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। इस विषय पर अधिक जानकारी हेतु क्लिक करें धन्यवाद

