9 ग्रहों में 5 सबसे खतरनाक खूंखार ग्रह माने जाने वाले ग्रह होते है सिर्फ इन 1 महाबली देवता के नाम लेने मात्र से शान्त

ज्योतिष शास्त्र में 9 ग्रहों का बहुत बड़ा महत्व है यह 9 ग्रह चाहे तो किसी का भी बेड़ा पार कर सकते हैं और चाहे तो किसी का भी बेड़ा गर्ग कर सकते हैं हमें हमेशा यही प्रयास करना चाहिए कि यह सदैव हमारे अनूकूल बने रहे इसके लिए हम अपनी जन्म कुण्डली का सहारा ले सकते हैं और पता कर खराब फलदाई ग्रहों हेतु उपाय कर उन्हें अपने हक में कर उनसे भी चमत्कारी लाभ प्राप्त कर सकते हैं

1 से बढ़कर 1 उपाय देता है हमें ज्योतिष शास्त्र

 ज्योतिष शास्त्र में 1 से बढ़कर 1 उपाय नवग्रहों को प्रसन्न करने हेतु बताए गए हैं 9 ग्रहों में से कुछ ग्रह इतने खतरनाक होते हैं जो कि आसानी से प्रसन्न नहीं होते हैं और मनुष्य को बड़े बड़े भयंकर कष्टों से घेरे रखते हैं आज हम आप लोगों को उन 5 ग्रहों के बारे में बताएंगे जो कि व्यक्ति का बेड़ा गर्ग करने में जरा सा भी देर नहीं करते हैं और इन 5 ग्रहों को यदि अपने वश में रखना है तो सिर्फ 1 देवता का ध्यान ही इनके लिए काफी है इन देवता के नाम से ही यह शान्त हो जाते हैं और कभी भी जातक को किसी भी प्रकार का कष्ट नहीं देते हैं और सम्भव हो सके कुण्डली में अच्छी ठीक ठाक स्थिति में हो तो शुभ फल भी प्रदान कर सकते हैं

5 ग्रहों को अकेले ही शान्त कर देते हैं यह महाबली देवता

 इन 5 ग्रहों में पहले ग्रह है सूर्य ग्रह दूसरे ग्रह है मंगल ग्रह तीसरे ग्रह है शनि ग्रह चौथे ग्रह है राहु ग्रह और पांचवें ग्रह है केतु ग्रह ।यह 5 ऐसे ग्रह जो किसी भी व्यक्ति को उसके जीवन में सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं 1 प्रकार से मनुष्य के भाग्य का निर्धारण यही ग्रह करते हैं इनको अपने अनूकूल बनाने के लिए ज्योतिष शास्त्र में ढेरों उपाय बताए गए हैं लेकिन आज हम आपको इनको प्रसन्न करने हेतु एवं इनसे मनवांछित शुभ फल प्राप्त करने हेतु उस देवता के बारे में बताएंगे जिनके नाम मात्र लेने से ही यह मनुष्य के वशीभूत हो जाते हैं

कलियुग के सबसे बड़े देवता हैं हनुमान जी

वह देवता कोई और नहीं कलियुग के 1 मात्र जीवित व सबसे बड़े माने जाने वाले अष्ट सिद्धि प्रदाता श्री हनुमान जी है क्यों यह 5 ग्रह इनके नाम से ही खौफ रखते हैं यह जानना जरूरी है सबसे पहले सूर्य ग्रह की बात करते हैं पौराणिक कथाओं के अनुसार बाल्यावस्था में 1 बार श्री हनुमान जी ने सूर्य ग्रह को लाल फल समझ कर निगल लिया था पूरी सृष्टि में अंधकार छा गया था सूर्य ग्रह तड़प कर विचलित होने लगे। माता अंजनी के आग्रह पर हनुमान जी उन्हें छोड़ा था तब से माना जाता है कि जो भी व्यक्ति हनुमानजी की आराधना करता है उसे कभी भी सूर्य ग्रह कभी भी कष्ट नहीं देते हैं मंगल ग्रह का वर्ण पूरा लाल है और हनुमान जी को लाल रंग अत्यंत प्रिय है और हनुमान जी का वार भी मंगलवार है लाल रंग से हनुमान जी का गहरा संबंध है

लाल रंग से घनिष्ठ संबंध है हनुमानजी

1 बार माता सीता को मांग में लाल सिन्दूर भरते हुए हनुमानजी ने देखा तो उन्होंने अपने पूरे शरीर को लाल रंग से रंग दिया इसलिए जो भी हनुमान जी की भक्ति करता है उसे मंगल ग्रह कभी भी परेशान नहीं करते हैं और हमेशा ही शुभ फल प्रदान करते हैं शनि ग्रह तो हनुमान भक्तों को कभी भी कष्ट नहीं देते हैं और जितना संभव हो सके शुभ फल ही प्रदान करते हैं पौराणिक कथाओं के अनुसार जब सीता माता की खोज करने वह लंका में थे तो उसी अवधि के दरमीयान लंकापति रावण ने शनि को कैद कर रखा था रावण को भय था कहीं शनि देव की साढ़ेसाती में उसका कुछ अहित न हो।

हनुमान जी के भक्तों को नहीं सताते हैं शनि देव

जब हनुमान जी की नजर शनि देव पर पड़ी तो वह उन्हें पहचान गए और रावण के चंगुल से उन्हें आजाद करा दिया तबसे माना जाता है कि जो भी हनुमान जी की भक्ति करता है उसे कभी भी शनि देव कष्ट नहीं देते हैं और उसका हमेशा मंगल ही करते हैं। राहु और केतु यह तो हनुमान जी के नाम से ही जातक पर प्रसन्न हो जाते हैं क्योंकि हनुमानजी जी रुद्रावतार है यानिकि भगवान भोलेनाथ के अंश। भोलेनाथ का ही 1 रुप है।

हनुमान जी के भक्तों पर विशेष कृपा रखते हैं राहु केतु

समुद्र मंथन में जब राहु ग्रह ने अमृत पान कर लिया था तो भगवान श्री हरि विष्णु ने राहु का सिर धड़ से अलग कर दिया था तब अपनी जान बचाने के लिए सिर राहु और धड़ केतु को शरण सिर्फ भगवान भोलेनाथ ने ही दी थी और साथ ही ग्रह का दर्जा भी उन्हें दिया और मुख्य 9 ग्रहों में स्थान भी दिया। तबसे माना जाता है कि जो कोई भी व्यक्ति रुद्रावतार श्री हनुमान जी की आराधना करता है या उनका नाम जपता है उसे कभी भी राहु केतु ग्रह की पीड़ा नहीं रहती है और इनका शुभ फल ही प्राप्त होता है। हम आप लोगों से उम्मीद करते हैं कि यदि आप लोगों को भी इन 5 ग्रहों से संबंधित पीड़ा है तो हनुमान जी की शरण में चले जाएं।आपको यह कभी भी नहीं सताएंगे और हमेशा शुभ फल ही प्रदान करेंगे।
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