जब बुद्धि काम करना बन्द कर दे, भ्रम में पड़ जाए,1 के ऊपर 1 व्याधि, कष्ट बढ़ते रहे मनुष्य चारों ओर से मुसीबतों के चक्रव्यूह में फसा हुआ महसूस करे और अपने प्रिय जनों से व्यक्ति दूर होता हुआ जाए और सबसे महत्वपूर्ण बात हर प्रकार से धन हानि यदि होने लगे विष खाए प्राणी की तरह मनुष्य तड़पने लगे रात दिन तो कहा गया है यह लक्षण सिर्फ और सिर्फ राहु ग्रह के ही हो सकते है
कुपित हो जाए तो जीना दुश्वार कर देते हैं राहु ग्रह

क्योंकि राहु ग्रह ही मनुष्य का जीना दुर्लभ कर सकते हैं आज हम ज्योतिष शास्त्र में राहु ग्रह के लिए बताया गया एक ऐसा उपाय जिसे यदि व्यक्ति श्रद्धा पूर्वक करता है तो अवश्य ही यह वरदान जातक के लिए बन सकता है बताया गया है कि गौमाता का मल यानिकि गोबर किसी भी शुभ दिन मूहूर्त में लाकर सुखा लें।अब किसी भी कृष्ण पक्ष के 3 सोमवार या शुक्रवार या शनिवार जो भी कृष्ण पक्ष 3 बार आता हो।मान लीजिए कि किसी भी कृष्ण पक्ष में 3 सोमवार आ गए तो आप इसे कर सकते हैं इसी तरह से किसी अन्य कृष्ण पक्ष में 3 शुक्रवार आ जाए तो आप इसे कर सकते हैं इसी तरह से शनिवार।

सूर्यास्त के बाद करने पर मिलता है अविश्वसनीय फल

तो शाम के वक्त सूर्यास्त के बाद आप किसी लोहे के पात्र में जलते हुए कोयले लें और उसमें गौमाता का सूखा गोबर + गूग्गल धूप + नारियल की जटाएं इन तीनों को बराबर मिलाकर डाल दें और इसके धुएं को घर के कमरों में घुमा लें और राहु ग्रह पीड़ा मुक्ति हेतु प्रार्थना करें अब इस धुएं की राख का टीका नियमित रूप से प्रतिदिन लगाएं घर के सदस्य जो राहु ग्रह की पीड़ा से पीड़ित हैं वह भी इस टीके को लगा सकते हैं।
अब फिर अगले सोमवार और फिर उसके अगले सोमवार तीनों वारों में ऐसा ही करना है पहली बार में ही यह अपना पूर्ण असर जातक को दिखा देता है
3 वारों में से 1 में भी करने से मिल जाता है प्रतिफल

उपाय से सम्पूर्ण लाभ लेने हेतु इसे सोमवार, शुक्रवार, शनिवार तीनों वारों में करना चाहिए।आप इसके चमत्कारी परिणाम देखेंगे। जानकारी यदि अच्छी लगे तो जरूर आगे बढ़ाकर शेयर करें अधिक जानकारी वीडियो के माध्यम से देखने हेतु क्लिक करें धन्यवाद

